परतवाडा/दि.1- महाराष्ट्र की पावन भूमि यह छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम से पुनीत हुई धरती है. जिन शिवाजी महाराज का आदर्श स़िर्फ हिन्दुस्तान में नहीं बल्कि विश्व पटल पर महान लोग स्वीकार करते है, उन्हीं के पराक्रम को अपनी अभद्र सनातनी बुद्धि से लांछन लगाने का काम ढोंगी बागेश्वर बाबा ने किया है.
देश के लोगों के सामने गलत ढंग से महाराज की प्रतिमा रख उनके पराक्रम, शौर्य और स्वराज्य की संकल्पना को समर्थ रामदास के चरणों में ले जाने का कार्य बागेश्वर ने किया. कोई भी ऐतिहासिक पार्श्वभूमि नहीं होने के बाद भी यह विषय फैलाया जा रहा.
छत्रपति शिवाजी महाराज ने समर्थ रामदास को गुरु बनाया अथवा अपना राजपाट उन्हें समर्पित कर दिया था ऐसा कोई इतिहास नहीं है. छत्रपति ने बहुजन समाज के लिए कल्याणकारी स्वराज्य की स्थापना कर सभी को समान न्याय , समान अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया.बागेश्वर बाबा ने शिवाजी महाराज को समर्थ रामदास की तुलना में कम दर्शाने का कारस्थान करने की बात स्पष्ट होती है.महापुरुषों के संदर्भ में गलत संदेश प्रसारित कर महाराज की प्रतिमा को धक्का पहुंचाने का काम बागेश्वर बाबा जैसे लोग कर रहे है.
एसडीओ को दिये निवेदन में मांग की गई कि संबंधित व्यक्ति के वक्तव्य की विस्तृत जांच होनी चाहिए.ऐसे वक्तव्य पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. भविष्य में कोई भी इस प्रकार अवमानना न करे इस हेतु योग्य उपाय करना होगा. बागेश्वर बाबा यह छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगे. महापुरुष का अपमान करने पर राज्य सरकार यह बागेश्वर बाबा पर अपराध दर्ज करे.इस आशय की मांग महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से जिलाध्यक्ष राज पाटिल ने राज्य सरकार से की है. कार्रवाई नहीं होने पर मनसे स्टाइल में आंदोलन करने की चेतावनी दी गई.निवेदन देते समय विजय पोटे, पुरुषोत्तम काले, दिलीप गुलरेकर, अक्षय काजे, रूपेश शर्मा, आकाश पातुरकर , ऋषिकेश सालकुटे, हर्ष मकोड़े उपस्थित थे.

