* सभी दोयम निबंधकों को राजस्व विभाग के आदेश * बिलकुल न करें दस्त पंजीयन
मुंबई/दि.22- महाराष्ट्र सरकार ने भूमि के सौदों में होने वाली बडे प्रमाण की धोखाधडी रोकने के वास्ते अहम फैसला किया है.
राजस्व महकमे ने कडे निर्देश जारी कर दिए. जिसके अनुसार प्लॉट, खेत, भूखंड के हिस्सेदारों की इजाजत के बगैर अब कोई भी सौदा पंजीकृत नहीं होगा. समाचार है कि, विभाग ने प्रदेश के सभी दोयम निबंधकों को स्पष्ट आदेश दिए है कि, ऐसे सौदों में सभी हिस्सेदारों की सहमति, अनुमति के बिना पंजीयन न किया जाए.
आदेश में कहा गया कि, सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति दस्त के साथ नत्थी (जोडना) करना जरुरी है. सह हिस्सेदारों की एनओसी या सहमति न होने की स्थिति में दस्त का पंजीयन नहीं होगा. एनओसी या सहमति अनिवार्य की गई है. इसके लिए संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1882 की धारा 44 अंतर्गत सभी सह हिस्सेदार को संपत्ति में अपना अविभाज्य हिस्सा और सह हिस्सेदार की सहमति के बगैर उसे विक्री करने के बारे में स्पष्ट प्रावधान है. कई संपत्तियों में अनेक भागधारक हो सकते हैं. सभी की सहमति अथवा एनओसी यानि ना-हरकत प्रमाणपत्र मिलने से व्यावहारिक दिक्कतें नहीं रहेगी. इससे न्यायालयों में याचिकाओं की संख्या कम होगी. कई बार पक्षकारों में इसी बात पर विवाद होकर मामले कोर्ट तक पहुंचते हैं.
सातबारा के भूमि सहभागीदार को जिसे भी अपना हिस्सा बेचना है, उसे भूमि अभिलेख विभाग से प्राप्त नापजोख की कॉपी दस्त में जोडकर अपनी कोई आपत्ति नहीं ऐसा एनओसी देना अनिवार्य किया गया है. सामूहिक परिसंपत्तियों में यह निर्णय बंधनकारक किया गया है. सहमति या एनओसी न रहने की स्थिति में निबंधक संबंधित दस्त की नोंद नहीं करेंगे.

