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मां ने दी अपनी किडनी, बेटे को मिला नया जीवन

मां ने दी अपनी किडनी, बेटे को मिला नया जीवन

* आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क हुई सर्जरी * मोर्शी निवासी 37 वर्षीय मरीज का सफल प्रत्यारोपण
अमरावती/दि.3 -स्थानीय विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल में 73वां किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया.

इस बार एक मां ने अपनी किडनी दान कर 37 वर्षीय बेटे की जान बचाई. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत यह पूरी शल्यक्रिया निशुल्क की गई.
मोर्शी तहसील के सावरखेड़ निवासी बंटी अरुण धर्माले (37) पिछले कई महीनों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और नियमित डायलिसिस पर थे. चिकित्सकों ने बताया कि डायलिसिस स्थायी उपचार नहीं है और किडनी प्रत्यारोपण ही बेहतर विकल्प है. बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी मां सुरेखा अरुण धर्माले (58) ने अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया. सफल प्रत्यारोपण के बाद बंटी को नया जीवन मिला. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है. इसी कारण विदर्भ ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से भी मरीज यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं.
यह सफल प्रत्यारोपण अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे और विशेष कार्य अधिकारी डॉ. मंगेश मेंढे के मार्गदर्शन में किया गया. नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश चौधरी, यूरो सर्जन डॉ. राहुल पोटोडे, डॉ. विक्रम देशमुख, डॉ. प्रतीक चिरडे, डॉ. विशाल बाहेकर सहित एनेस्थीसिया, नर्सिंग, समाजसेवा, आहार, औषधि तथा अन्य विभागों के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की टीम ने इस जटिल शल्यक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि संस्थान की किडनी प्रत्यारोपण सेवा की निरंतर सफलता का प्रमाण है और गंभीर किडनी रोगियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है.

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