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निगमायुक्त के लिए आमसभा चुनौतीभरी रहेगी

निगमायुक्त के लिए आमसभा चुनौतीभरी रहेगी

अमरावती/दि.8- मनपा की मासिक आमसभा इस बार पांच दिन पूर्व आयोजित की गई है. विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण आमसभा चुनाव होने से प्रभावित हुए कामकाज इस आमसभा में निपटाने का प्रयास रहा तो भी पूर्व आयुक्त की जांच, मानसून के पूर्व की नाला सफाई, स्वच्छता व मनुष्यबल पर यह आमसभा गूंजने के संकेत है.

आयुक्त के खिलाफ भी रहा रोष इस सभा में दिखाई देने की संभावना है.
मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा की सही मायने में यह पहली सभा रहने वाली है. इसके पूर्व वह शासकीय काम के कारण पूरा समय उपस्थित नहीं रह पायी थी और जून माह में विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता रहने से आमसभा औपचारिक हुई थी. आगामी 15 जुलाई को होने वाली आमसभा यह निगमायुक्त के लिए चुनौतीभरी रहने वाली है. प्रशासक राज में आर्थिक घोटाले और वर्तमान स्थिति के कामों की प्रगती पर सत्तारुढ और विपक्ष दोनों आक्रामक है. भूतपूर्व आयुक्त प्रवीण आष्टीकर के खिलाफ जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति गठित करने के प्रस्ताव पर प्रगती का मुद्दा प्रमुख रहने वाला है. जांच रिपोर्ट कब प्रस्तुत की जाएगी, ऐसा दोनों तरफ का प्रश्न है. स्वच्छता का ठेका जिस कोणार्क कंपनी को दिया गया है, उसके खिलाफ की लडाई और तेज दिखाई देने की संभावना है. स्वच्छता समिति द्वारा की गई सिफारिश और उस पर अमल करने पर प्रशासन की तरफ से ठोस जवाब मांगे जाने वाले है. इस कंपनी पर ठोका गया जुर्माना और दिये गये बिल पर घमासान होने की संभावना है.

* मुसीबत दोनों तरफ से
मानसून के पूर्व किये जाने वाले कार्यों की स्थिति उजागर है. नाला सफाई में लापरवाही बरते जाने की बात पहली ही बारिश में आयी बाढ से स्पष्ट हो गई है. मुरुम डालने के लिए दिया गया करोडों रुपयों का ठेका और गढ्ढे बुझाने के लिए दिये गये ठेके पर भी प्रशासन को आडे हाथों लेने की भूमिका विपक्ष समेत सत्तारुढ दल द्वारा लिये जाने से प्रशासन की दोनों तरफ से दुविधा बढने वाली है.

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