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पुणे शराब त्रासदी

पुणे शराब त्रासदी

* राष्ट्रवादी के कार्यकर्ताओं ने वह दुकान तोड़ दी,पुणे /दि.29-पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से लगभग 14 लोगों की मौत हो गई. इससे एक ही खलबली मच गई है. शराब में मेथनॉल मिलाने से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार किया है.

शराब अड्डे का मालिक कर्नलसिंह विरखा समेत आठ लोग हिरासत में हैं. जिस शराब अड्डे की वजह से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, वहां रोहित पवार खुद पहुंचे और उन्होंने काउंटर तोड़ा. रोहित पवार के साथ शरदचंद्र पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने यह शराब अड्डा तोड़ दिया. वहां लगे पत्रे उखाड़ दिए. जब सिस्टम काम नहीं करता, जब पुलिस प्रशासन कम पड़ता है, तब हमें लोगों को एक संदेश देना है, कुछ चीजें हाथ में लेनी पड़ेंगी. छोटी लड़कियों पर अत्याचार होता है, महिलाओं पर अत्याचार होता है, सिस्टम मदद नहीं करता, अजितदादा के मामले में सिस्टम मदद नहीं करता ऐसा रोहित पवार ने कहा.
शराब पीकर गरीब आदमी मरते हैं. सिस्टम कुछ भी नहीं करता. उस समय लोगों को कानून हाथ में लेना पड़ता है. कार्यकर्ताओं ने शराब अड्डों की तोड़फोड़ की है. बुलडोजर धर्म देखकर चलाया जाता है. सामान्य लोगों की जान जाती है, तब प्रशासन शांत बैठता है ऐसे शब्दों में रोहित पवार ने अपना गुस्सा व्यक्त किया. उससे पहले वह ससून अस्पताल गए और जहरीली शराब से मुसीबत में पड़े पीड़ित परिवारों से मुलाकात की.
* योगेश वानखेड़े क्या करता था?
इस जहरीली शराब मामले में किसी को नहीं छोड़ेंगे. कठोरतम कार्रवाई करेंगे ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा है. आरोपी योगेश वानखेड़े शराब वितरित करने का काम कर रहा था. लेकिन शराब का वितरण करते समय ही वह बीच में गाड़ी रोककर उसने शराब में मेथनॉल मिलाया था, ऐसा सामने आने की बात पुलिस ने बताई.

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