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पूर्व सांसद ईश्वरलाल जैन से जुड़ा मामला फिर चर्चा में

पूर्व सांसद ईश्वरलाल जैन से जुड़ा मामला फिर चर्चा में

* बैंक ऋण अनियमितता प्रकरण में दस्तावेजों और लॉकर की चाबियों की जांच, चार साल पुराने मामले में फिर तेज हुई जांचजलगांव/दि.4- जलगांव के चर्चित आरएल ज्वेलर्स समूह से जुड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बार फिर जांच तेज कर दी है.

सूत्रों के अनुसार सीबीआई की एक टीम ने शहर पहुंचकर आरएल ज्वेलर्स की जांच की और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ कुछ लॉकरों की चाबियां भी अपने कब्जे में ली हैं. इस कार्रवाई के बाद जिले के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. बता दे कि, आरएल ज्वेलर्स और मनराज मोटर्स का संबंध राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व सांसद ईश्वरलाल जैन और उनके परिवार से बताया जाता है. इसी कारण यह मामला राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
जानकारी के अनुसार यह मामला कई वर्ष पहले लिए गए बैंक ऋण से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि आरएल ग्रुप ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से बड़ा ऋण लिया था, जिसका निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान नहीं किया गया. इसके बाद बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने करीब चार वर्ष पहले कंपनी के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. मामला बाद में न्यायालय में विचाराधीन हो गया था.
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को सीबीआई की टीम ने पुनः आरएल ज्वेलर्स के कार्यालय और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच की. जांच एजेंसी ने कुछ वित्तीय अभिलेखों और लॉकर संबंधी जानकारी को भी अपने कब्जे में लिया है. हालांकि सीबीआई की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद ईश्वरलाल जैन ने स्वीकार किया कि सीबीआई द्वारा पूछताछ और जांच की गई है. हालांकि उन्होंने बैंक के दावों को पूरी तरह गलत बताया. जैन का कहना है कि बैंक द्वारा दिए गए ऋण से अधिक राशि पहले ही वसूल की जा चुकी है और वास्तविकता में उनका ही पैसा बैंक के पास बकाया है. उन्होंने दावा किया कि सीबीआई की जांच में कोई अनियमितता या तथ्य सामने नहीं आएंगे.
गौरतलब है कि आरएल ग्रुप से जुड़े इस मामले ने पहले भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं. अब एक बार फिर सीबीआई की सक्रियता के बाद मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है. जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और संभावित निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. फिलहाल सीबीआई मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, ऋण वितरण और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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