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सलोना गांव तालाब का गाद निकालना जरुरी

सलोना गांव तालाब का गाद निकालना जरुरी

* तहसीलदार और जलसंवर्धन के राठोड सकारात्मकचिखलदरा /दि.14- हिल स्टेशन अंतर्गत अनेक ग्राम और बस्तियां जलसंकट से जूझ रही है. चिखलदरा के प्रशासकीय नियम भी इसके लिए जिम्मेदार बताए जाते है.

समीप के सलोना ग्राम के तालाब का गाद गत ढाई दशकों में नहीं निकाला गया. जिससे पानी की बजाए यह तालाब गाद से लबालब हो गया है. जल संग्रह की क्षमता दिनोंदिन घटती रही है. ऐसे में सरपंच आरती बेलसरे ने गाद निकालने की आवाज उठाई है. तहसीलदार मोरणकर और जलसंवर्धन विभाग के राठोड ने उनकी डिमांड पर सकारात्मक भूमिका ली है. शीघ्र ही गाद निकालने का काम शुरु होने की आशा है. अगले माह से बारिश का सीजन लगनेवाला है. उसके पहले काम आवश्यक बताया जा रहा है.
* दो हजार की आबादी
सलोना ग्राम चिखलदरा से करीब स्थित है. गांव की जनसंख्या लगभग दो हजार है. वहां मई माह में भीषण जलसंकट देखा जा रहा है. टैंकर से आपूर्ति की कोशिश हो रही है. सरपंच आरती बेलसरे ने बताया कि, सलोना वासियों को काफी दूर से पानी लाना पड रहा है. पालतु पशुओं के लिए भी पीने के पानी की व्यवस्था करना बडी टेढी खीर है. पानी संचय के लिए प्रशासन करोडों खर्च कर रहा है. किंतु तालाब का गाद निकालने पर समस्या हल होने की बात आरती बेलसरे ने कही. उन्होंने दावा किया कि, सलोना के तालाब में दोगुना जलसंचय हो सकता है. प्रशासन नियमों का बहाना कर गाद निकालने की परमिशन नहीं देता. ऐसे में तहसीलदार मोरणकर और जलसंवर्धन के अधिकारी राठोड से बात की. उन्होंने गाद निकालने के बारे में सकारात्मक रुख बताया.
उल्लेखनीय है कि, आरती बेलसरे ने ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर निजी कंपनी से काम करवाने की तैयारी दर्शायी थी. उसी प्रकार बच्चू कडू स्टाइल के आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी.

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