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समृद्धि महामार्ग पर सियासी हलचल?

समृद्धि महामार्ग पर सियासी हलचल?

* प्रदेश में शुरु हुआ चर्चा का दौरसंभाजी नगर/दि.2 -सियासी पटल पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले ठाकरे शिवसेना के नेता अंबादास दानवे और शिंदे शिवसेना के नेता अब्दुल सत्तार की आज समृद्धि महामार्ग पर अचानक मुलाकात हुई. पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच इन दो नेताओं की यह मुलाकात राज्य और मराठवाड़ा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.

खास बात यह है कि सोमवार को ही इन दोनों नेताओं ने यह बयान दिया था कि 'मराठी मानुष के हित और शिवसेना के वैभव के लिए दोनों गुटों को फिर से एक हो जाना चाहिए.' इस बयान के 24 घंटे के भीतर ही हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को तेज कर दिया है.
* कैसे हुई मुलाकात?
मिली जानकारी के अनुसार, शिंदे गुट के मंत्री अब्दुल सत्तार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बुलावे पर समृद्धि महामार्ग से मुंबई की ओर जा रहे थे. वहीं, ठाकरे गुट के विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे शिरडी की ओर जा रहे थे. इसी दौरान समृद्धि महामार्ग पर दोनों नेताओं की गाड़ियाँ आमने-सामने आईं. दोनों नेताओं ने गाड़ियाँ रुकवाईं, एक-दूसरे का हाल-चाल जाना और बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में गले मिले.
* कल ही दिया था 'एकत्र' होने का संकेत!
मराठवाड़ा की राजनीति और विशेषकर छत्रपति संभाजीनगर जिले में अंबादास दानवे और अब्दुल सत्तार के बीच राजनीतिक कटुता जगजाहिर है. हालांकि, कल ही दोनों नेताओं ने अलग-अलग बातचीत में दोनों गुटों के फिर से एकजुट होने की संभावना पर सकारात्मकता जताई थी. उन्होंने कहा था कि 'शिवसेना के विभाजन से नुकसान हुआ है, यदि दोनों गुट फिर से साथ आते हैं तो एक बड़ी ताकत का निर्माण होगा.' इन बयानों के बाद आज हुई यह मुलाकात क्या भविष्य में होने वाले किसी बड़े राजनीतिक फेरबदल का संकेत है? यह सवाल अब राजनीतिक विश्लेषक उठा रहे हैं.
* सत्तार को मुंबई से बुलावा
शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने अपने सहयोगी दल भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सत्तार ने कहा था कि 'भाजपा ने ठाकरे की शिवसेना के हाथ-पैर तोड़े, लेकिन हमारे तो उन्होंने सिर ही काट दिए हैं.' विधान परिषद चुनाव को लेकर शिंदे सेना और भाजपा के बीच तनातनी देखने को मिल रही है. छत्रपति संभाजीनगर निर्वाचन क्षेत्र से सत्तार के बेटे ने भी बगावत करते हुए पर्चा भरा है. छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट महायुति में भाजपा के खाते में गई है, जिससे शिंदे सेना में नाराजगी स्पष्ट है. भाजपा ने छत्रपति संभाजीनगर से सुहास शिरसाट को उम्मीदवार बनाया है. जब अंबादास दानवे के बयान के बारे में पूछा गया कि क्या आपको भी लगता है कि शिवसेना के दोनों गुटों को एक हो जाना चाहिए? इस पर अब्दुल सत्तार ने कहा, हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने अगर यह कहा कि हमें एक होना है, तो फिर इसमें किसी से पूछने की जरूरत ही नहीं है. मेरे नेता जो भी निर्णय लेंगे, वह मुझे मान्य होगा.

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