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शब्द-संपदा विकास कार्यशाला एवं भित्ति-पत्रिका का विमोचन

शब्द-संपदा विकास कार्यशाला एवं भित्ति-पत्रिका का विमोचन

मरावती/दि.1 - श्री गणेशदास राठी छात्रालय समिति द्वारा संचालित श्रीमती केशरबाई लाहोटी महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा विद्यार्थियों में प्रभावी संप्रेषण कौशल, समृद्ध शब्द-संपदा, सृजनात्मक लेखन तथा व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय 'वोकॅब्युलरी बिल्डिंग फॉर इफेक्टिक कम्युनिकेशन' कार्यशाला का समापन तथा विभाग की हस्तलिखित अंग्रेजी भित्ति-पत्रिका 'विबज्योर' के प्रथम अंक का विमोचन 31 जुलाई को उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.

29 से 31 जुलाई तक आयोजित इस कार्यशाला में बी.ए., बी.कॉम. एवं बी.सी.ए. के लगभग 30 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में प्रभावी संप्रेषण के लिए समृद्ध शब्द-संपदा के महत्व को स्पष्ट करते हुए विद्यार्थियों को शब्द-भंडार बढ़ाने की विभिन्न सरल, उपयोगी एवं वैज्ञानिक विधियों का प्रशिक्षण दिया गया. पठन की आदत विकसित करना, शब्द-मूलों का अध्ययन, पर्यायवाची एवं विलोम शब्द, संदर्भ से अर्थ समझना, स्मृति तकनीक, भाषाई खेल तथा संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से शब्द-संपदा विकसित करने के प्रभावी उपाय सिखाए गए.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शुद्धोधन कांबले उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजयकुमार भांगड़िया ने की. समापन समारोह में अपने मार्गदर्शन में डॉ. शुद्धोधन कांबले ने कहा कि अंग्रेजी भाषा के प्रति विद्यार्थियों के मन में व्याप्त भय ही सफलता के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है. निरंतर अभ्यास, नियमित अध्ययन, नए शब्दों का दैनिक प्रयोग तथा गलतियाँ करने का साहस रखने से कोई भी विद्यार्थी सहजता से अंग्रेजी भाषा पर अधिकार प्राप्त कर सकता है. उन्होंने कहा कि समृद्ध शब्द-संपदा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावशाली व्यक्तित्व, उच्च शिक्षा तथा उज्ज्वल करियर की मजबूत नींव है.
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. विजयकुमार भांगड़िया ने अंग्रेजी विभाग की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से पठन-संस्कृति को विकसित करने और अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कौशल-आधारित कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी हैं.
कार्यशाला में सफलतापूर्वक सहभागिता करने वाले सभी 30 विद्यार्थियों को अंग्रेजी विभाग की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. इसी अवसर पर विद्यार्थियों की सृजनात्मक लेखन प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाली अंग्रेजी विभाग की हस्तलिखित अंग्रेजी भित्ति-पत्रिका 'विबज्योर' के प्रथम अंक का विमोचन मुख्य अतिथि के करकमलों से किया गया. जुलाई माह में जयंती अथवा पुण्यतिथि वाले विभिन्न साहित्यकारों, लेखकों एवं कवियों की जानकारी तथा विद्यार्थियों द्वारा स्वयं लिखित सामग्री से सुसज्जित इस भित्ति-पत्रिका की उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की. बी.ए. प्रथम वर्ष के विद्यार्थी प्रतीक बानबंशी, कु. सुहाना शफी, कु. ऋतुजा कुदळे, कु. ललिता धुर्वे, कु. मयूरी सोयाम, कु. सोनम कांबले तथा ज़ैद शेख ने इस भित्ति-पत्रिका को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया.
अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष राठोड के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु डॉ. जागृति व्यास एवं डॉ. संजय रेड्डी ने विशेष परिश्रम किए. कार्यक्रम में प्रा. डॉ. रविंद्रकुमार शिरसाठ, प्रा. डॉ. तीर्थराज राय तथा प्रा. डॉ. याह्या जमील की गरिमामयी उपस्थिति रही.

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