ताजा खबर: महाशिवरात्रि (mahashivratri) का पर्व आते ही पूरे देश में शिवभक्ति की लहर दौड़ जाती है. इस अवसर पर संगीत की दुनिया में भी भक्ति और श्रद्धा की गूंज सुनाई देने लगती है. हर साल की तरह, इस बार भी कई प्रसिद्ध गायकों ने भगवान शिव को समर्पित अपने भक्ति गीत प्रस्तुत किए हैं.
मीनल निगम द्वारा रचित और सोनू निगम (Sonu Nigam), शान (Shaan) व कैलाश खेर (Kailsh Kher) द्वारा गाया गया आदिनाथ शंभू सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति एक भावपूर्ण भक्ति अर्पण है. सोनू निगम इसे अपने जीवन का सबसे ख़ास गीत बताते हैं, क्योंकि इसे उनकी बहन ने रचा है, जो लंबे समय से भजन और कीर्तन के प्रति समर्पित हैं. सोनू निगम कहते हैं, "मेरी माँ मुझे भोलेनाथ का प्रसाद कहती थीं, इसलिए यह गीत मेरे लिए बेहद खास है" इस गीत में शिव की महिमा और उनकी दिव्यता को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया गया है.कैलाश खेर के अनुसार, महाशिवरात्रि उनके जीवन का एक अभिन्न हिस्सा रही है. वे कहते हैं, "बचपन में हम शिव-पार्वती के मिलन की कथा सुनते थे, लेकिन अब इस पर्व का स्वरूप और भव्य हो गया है" इस गीत के माध्यम से उन्होंने भगवान शिव की आराधना को और भी जीवंत बना दिया है.
बी प्राक ने अपने नए भक्ति गीत महाकाल (Mahakaal) को विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर रिलीज़ किया है. यह गीत भक्तों को शिव की महिमा का अहसास कराता है और उनकी भक्ति को और प्रगाढ़ करता है. बी प्राक बताते हैं, "भगवान शिव का गाना तो इसी दिन आना चाहिए था! हमने इसे खास तौर पर महाकुंभ (Mahakumbh) और महाशिवरात्रि के लिए तैयार किया है" इस गीत को जानी भाई (गीतकार) ने लिखा है, और उन्होंने इसे एक भव्य भक्ति गीत बनाने के लिए पूरी मेहनत की है.
भोले - शिव
सलीम मर्चेंट ने इस बार रैपर पैराडॉक्स के साथ मिलकर भोले नामक एक भक्ति गीत तैयार किया है. यह गीत भगवान शिव के नाम पर आधारित राग भैरव से प्रेरित है, और इसमें मंत्रों जैसी गहरी लय मौजूद है. सलीम मर्चेंट बताते हैं, "हमने इस गीत में तेज़ गति के साथ भक्तिमय बोलों को मिलाने की कोशिश की है, ताकि यह युवाओं को भी आकर्षित कर सके." उन्होंने यह भी कहा कि पैराडॉक्स इस ट्रैक में एक अनूठी ऊर्जा लेकर आए हैं, जो इसे और खास बनाती है.यह गीत शिव के तांडव रूप को भी दर्शाता है और उनके नृत्य स्वरूप नटराज को समर्पित है. सलीम मर्चेंट कहते हैं, "हम चाहते थे कि यह गीत सिर्फ़ भक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें नृत्य का तत्व भी हो, जिससे यह और भी आकर्षक बन जाए."
रैपर-गायिका राजा कुमारी का एल्बम काशी से कैलाश भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है. वे कहती हैं, "10 साल की उम्र में मैंने पहली बार शिव तांडव किया था, और तब से भगवान शिव से मेरा विशेष जुड़ाव हो गया." हाल ही में उन्होंने केदारनाथ की यात्रा की थी, जिसने उनके इस संबंध को और भी मजबूत कर दिया.इस एल्बम में शिव की शक्ति और उनके प्रति अपार श्रद्धा को दर्शाने वाले कई गीत शामिल हैं, जो भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव साबित हो सकते हैं. राजा कुमारी कहती हैं, "शिव मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, और इस एल्बम के जरिए मैंने उनकी भक्ति को एक संगीतमय रूप में समर्पित किया है."