Satluj Movie: 'सतलुज' (Satluj) के भारत में ZEE5 से हटने के बाद फिल्म से जुड़ा विवाद और गहरा गया. इस बीच, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्मों के चयन पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्मों में काम करने वाले कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम होती है.
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FWICE के प्रेसिडेंट ने दिलजीत दोसांझ पर साधा निशाना
दरअसल, मीडिया से बात करते हुए, FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने माना कि वह दिलजीत दोसांझ के बार-बार पॉलिटिकली सेंसिटिव प्रोजेक्ट्स से जुड़ने से हैरान हैं. उन्होंने कहा, "मुझे बहुत हैरानी है कि दिलजीत दोसांझ कॉन्ट्रोवर्शियल फिल्में क्यों चुनते हैं. उन्हें ऐसे फैसलों का असर समझना चाहिए. वह पंजाब के सुपरस्टार हैं और उन्हें ध्यान से सोचना चाहिए ताकि उनकी इमेज पर असर न पड़े. आज दुनिया भर में उनका बहुत बड़ा फैन बेस है".
'किसी को भी 'देश सबसे पहले' को ध्यान में रखना चाहिए'- FWICE
बीएन तिवारी ने फिर सभी एक्टर्स के लिए अपनी बात बढ़ाई और ज़ोर दिया कि पैसे का मामला ही अकेला पैमाना नहीं हो सकता. उन्होंने आगे कहा, 'जहां तक मैं समझता हूं, यह एक आर्टिस्ट का भी फर्ज़ है कि वह सिर्फ़ पैसे या किसी और वजह से फ़िल्में न करे. किसी को भी 'देश सबसे पहले' को ध्यान में रखना चाहिए.'
बीएन तिवारी ने फिल्म को लेकर उठाया ये सवाल
भारत में ZEE5 से सतलुज को हटाने पर, FWICE चीफ बीएन तिवारी ने यह भी सवाल उठाया कि एक फ़िल्म जो पहले ही सेंसर से गुजर चुकी थी, उसे बाद में क्यों हटाया गया. उन्होंने कहा, 'भले ही फ़िल्म सेंसरशिप से गुज़र चुकी हो, और बाद में भारत सरकार को लगे कि इससे गलत जानकारी फैल सकती है, सामाजिक मेलजोल बिगड़ सकता है, या नुकसान पहुंचाने वाले तत्व इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, तो ऐसी फ़िल्मों को पहले ही रोक देना चाहिए. एक बार क्लियरेंस मिल जाने के बाद फिल्म रिलीज हो जानी चाहिए, क्योंकि प्रोड्यूसर का बहुत सारा पैसा दांव पर लगा होता है'.
इस वजह से ओटीटी से हटाई गई फिल्म
बता दे सरकारी सूत्रों के हवाले से पीटीआई ने दावा किया है कि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला लिया गया. अधिकारी ने बताया कि फिल्म मूल रूप से 2022 में 'पंजाब 95' टाइटल के साथ रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड ने 127 कट लगाने की शर्त रखी थी. चूंकि निर्माता इन बदलावों के लिए तैयार नहीं हुए, इसलिए फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया और इसकी रिलीज टाल दी गई. बाद में फिल्म को नए टाइटल के साथ ओटीटी पर उपलब्ध करा दिया गया. अधिकारी के अनुसार, ओटीटी प्लेटफॉर्म सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं आते, लेकिन मामला सामने आने पर सरकार ने जी5 को फिल्म हटाने के निर्देश दिए.
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किस पर आधारित है फिल्म 'सतलुज'?
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और उनके संघर्ष पर आधारित है. जसवंत सिंह खालरा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में कथित तौर पर लापता हुए हजारों लोगों और उनके अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों की जांच की थी. उनकी रिपोर्ट ने पूरे देश का ध्यान इस संवेदनशील मुद्दे की ओर खींचा और मानवाधिकारों को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी. हालांकि, इस मामले को उजागर करने के कुछ समय बाद 6 सितंबर 1995 को अमृतसर स्थित उनके घर के बाहर से उनका कथित अपहरण कर लिया गया, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका.
दिलजीत दोसांझ ने फिल्म को लेकर दिया था ये बयान
दिलजीत दोसांझ ने अमेरिका से इंस्टाग्राम लाइव के जरिए फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही इस तरह की कार्रवाई का अंदेशा था और शुक्रवार से ही उन्हें लगने लगा था कि फिल्म पर रोक लग सकती है. अभिनेता ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद यह फैसला लिया जाएगा, लेकिन उन्हें हैरानी इस बात की हुई कि रविवार शाम को ही फिल्म को हटाने की कार्रवाई कर दी गई. दिलजीत ने कहा कि फिल्म का कोई प्रचार नहीं किया गया था, बल्कि इसे बिना शोर-शराबे के रिलीज किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि फिल्म दर्शकों तक पहुंच गई और उनका मानना है कि इसे रोकने की हर कोशिश इसकी लोकप्रियता और बढ़ाएगी.
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. 'सतलुज' विवाद क्या है? (What is the 'Satluj' controversy?)
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद विवादों में आ गई. फिल्म की कहानी और इससे जुड़े संवेदनशील विषयों को लेकर बहस छिड़ी हुई है.
2. FWICE क्या है? (What is FWICE?)
FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) भारतीय फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के विभिन्न कर्मचारी संगठनों का एक प्रमुख संगठन है.
3. FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने क्या कहा? (What did FWICE chief BN Tiwari say?)
बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ की फिल्मों के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभिनेता लगातार विवादित और संवेदनशील विषयों पर आधारित फिल्मों का हिस्सा बन रहे हैं.
4. बीएन तिवारी ने दिलजीत की फिल्मों को लेकर क्या चिंता जताई? (Why did BN Tiwari raise concerns?)
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक हस्तियों को फिल्में चुनते समय उनके सामाजिक प्रभाव और जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए.
5. क्या बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ का नाम लेकर आलोचना की? (Did BN Tiwari directly criticize Diljit Dosanjh?)
उन्होंने दिलजीत की फिल्मों के चुनाव पर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह के विषय विवाद को जन्म दे सकते हैं.
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