ताजा खबर : सोनू निगम भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली, लोकप्रिय और बहुमुखी (versatile) गायकों में से एक हैं. अपनी अद्भुत गायन शैली, विस्तृत वोकल रेंज और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण उन्हें भारतीय सिनेमा का "मॉडर्न रफी" (आधुनिक रफी) भी कहा जाता है.
चार दशक से भी लंबे अपने करियर में उन्होंने न केवल हिंदी बल्कि 32 से अधिक भाषाओं में 6,000 से अधिक गाने गाए हैं. 2022 में भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया.
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प्रारंभिक जीवन
सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद शहर में हुआ था. उनके पिता अगम कुमार निगम आगरा के रहने वाले हैं और उनकी माता शोभा निगम गढ़वाल से थीं. म्यूजिक सोनू को विरासत में मिला. उनके पिता खुद एक कुशल गायक थे, जिससे सोनू का बचपन से ही म्यूजिक से गहरा लगाव हो गया. उनकी बहन तीशा निगम भी एक पेशेवर गायिका हैं.
सोनू ने महज 4 साल की उम्र में पहली बार मंच पर प्रस्तुति दी थी. उन्होंने अपने पिता के साथ मोहम्मद रफी का मशहूर गाना "क्या हुआ तेरा वादा"गाया था. इसके बाद वह शादियों और म्यूजिक समारोहों में अपने पिता के साथ जाने लगे. 19 साल की उम्र में वह अपने बॉलीवुड गायन करियर की शुरुआत करने के लिए अपने पिता के साथ मुंबई आ गए. मुंबई आकर उन्होंने प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से शास्त्रीय म्यूजिक की बारीकियां सीखीं.
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म्यूजिक करियर
1990 का दशक: शुरुआती संघर्ष और पहचान
1990 के दशक की शुरुआत में जब सोनू निगम ने मुंबई में अपना करियर शुरू किया, तब इंडस्ट्री में उदित नारायण और कुमार सानू जैसे दिग्गज गायकों का दबदबा था.
सोनू ने फिल्मों के लिए अपना पहला गाना फिल्म आजा मेरी जान का "ओ आसमान वाले" गाया.
उन्हें पहली बड़ी पहचान 1992 के टीवी धारावाहिक तलाश के गाने "हम तो छैला बन गए" से मिली.
इसके बाद बेवफा सनम का गाना "अच्छा सिला दिया", फिल्म बॉर्डर का देशभक्ति गीत "संदेशे आते हैं" और परदेस का "ये दिल दीवाना" जैसे गीतों ने उन्हें रातों-रात मशहूर कर दिया. 1999 में रिलीज़ हुआ उनका सोलो एल्बम 'दीवाना' भारतीय पॉप म्यूजिक के इतिहास में सबसे सफल एल्बमों में से एक बन गया.
2000 का दशक: करियर का स्वर्णिम दौर
2000 का दशक सोनू निगम के करियर का सबसे सफल दौर साबित हुआ. इस दौरान उन्होंने भारतीय सिनेमा को एक से बढ़कर एक सदाबहार नगमे दिए:
"सूरज हुआ मद्धम" और "यू आर माय सोनिया" (कभी खुशी कभी गम)
"पंछी नदियां पवन के" (रिफ्यूजी)
"तन्हाई" (दिल चाहता है)
"कल हो ना हो" (कल हो ना हो) - इस गाने के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार दोनों से सम्मानित किया गया.
2010 से वर्तमान: अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्वतंत्र म्यूजिक
2010 के बाद भी सोनू निगम ने लगातार कई चार्टबस्टर गाने दिए, जैसे दबंग का "चोरी किया रे जिया", अग्निपथ का "अभी मुझ में कहीं", और वज़ीरका "तेरे बिन".उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी. सोनू ने ब्रिटनी स्पीयर्स, एविची (Avicii), जरमेन जैक्सन और KSHMR जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ सहयोग किया. 2020 में उन्होंने अपना स्वतंत्र म्यूज़िक लेबल 'आई बिलीव म्यूज़िक' (I Believe Music) लॉन्च किया. 2024 में उन्होंने प्रसिद्ध मंच नाटक 'हमारे राम' के साउंडट्रैक के लिए भी गाना गाया. फरवरी 2026 में वह गायक-गीतकार चार दीवारी के ट्रैक "इस तरह" में नज़र आए.
कन्नड़ फिल्मों में योगदान
हालांकि सोनू निगम ने बंगाली, मराठी, तेलुगु, तमिल, उड़िया, असमिया और गुजराती जैसी कई भाषाओं में गाया है, लेकिन कन्नड़ सिनेमा में उनका योगदान असाधारण रहा है. 1996 में फिल्म जीवनधी के गाने "येल्लो यारो हेगो" से शुरुआत करने के बाद, उन्होंने कन्नड़ भाषा में 900 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं. वह दक्षिण भारत में भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने कि उत्तर भारत में.
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टेलीविजन, रेडियो और अन्य कार्य
सोनू निगम ने न केवल गायन में बल्कि टीवी और रेडियो पर मेज़बान और जज के रूप में भी अत्यधिक लोकप्रियता हासिल की:
सा रे गा मा पा: उन्होंने 1995 से 2000 तक इस प्रतिष्ठित म्यूजिक शो की मेज़बानी की, जिसने उन्हें हर भारतीय घर में पहचान दिलाई. बाद में वे इसके विभिन्न सीज़न्स में जज भी बने.
अन्य शो: वे इंडियन आइडल (2016-17), एक्स फैक्टर इंडिया (2011), छोटे उस्ताद, और बंगाली शो सुपर सिंगर सीज़न 3 में निर्णायक (Judge) की भूमिका में रहे.
मिर्ची म्यूज़िक अवॉर्ड्स: सोनू निगम ने मिर्ची म्यूज़िक अवॉर्ड्स के कई संस्करणों की मेज़बानी भी की है.
पुरस्कार और सम्मान
सोनू निगम को उनके अतुलनीय योगदान के लिए अनगिनत पुरस्कार मिले हैं:
पद्म श्री (2022): कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए.
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2004): "कल हो ना हो" गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक.
फिल्मफेयर पुरस्कार: कई बार सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का पुरस्कार (हिंदी और कन्नड़).
IIFA पुरस्कार: "सूरज हुआ मद्धम" और "कल हो ना हो" जैसे गानों के लिए 4 बार IIFA ट्रॉफी.
ऑस्कर विचार सूची (2014): फिल्म जल (Jal) के लिए बिक्रम घोष के साथ मिलकर बनाए गए बैकग्राउंड स्कोर को ऑस्कर की शुरुआती सूची में शामिल किया गया था.
प्रमुख विवाद
अपने लंबे करियर के दौरान सोनू निगम कई विवादों से भी जुड़े रहे:
अज़ान और लाउडस्पीकर विवाद (2017): 2017 में उन्होंने सुबह के समय लाउडस्पीकर पर अज़ान की तेज़ आवाज़ पर ट्वीट किया, जिसे उन्होंने धर्म के जबरन प्रदर्शन के रूप में वर्णित किया. इस पर काफी विवाद हुआ. एक मौलवी द्वारा सोनू का सिर मुंडवाने वाले को इनाम देने की घोषणा पर सोनू ने खुद अपना सिर मुंडवा लिया था. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि लाउडस्पीकर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ थे.
म्यूजिक इंडस्ट्री पर आरोप (2020): अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद, सोनू निगम ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में दो प्रमुख कंपनियां एकाधिकार (Monopoly) चला रही हैं और नए कलाकारों का शोषण कर रही हैं.
कन्नड़ भाषा विवाद (2025): मई 2025 में बेंगलुरु के एक कॉन्सर्ट में कन्नड़ में गाने की मांग को सोनू निगम द्वारा पहलगाम आतंकी हमले से जोड़ने पर विवाद खड़ा हो गया था. बाद में सोनू ने सफाई दी कि उनका इरादा कन्नड़ समुदाय का अपमान करना नहीं, बल्कि नफरत फैलाने वाली धमकियों का विरोध करना था.
FAQ
1. सोनू निगम का जन्म कब और कहां हुआ था?
सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था.
2. सोनू निगम को 'मॉडर्न रफी' क्यों कहा जाता है?
अपनी शानदार गायकी, भावपूर्ण आवाज और मोहम्मद रफी की शैली से प्रेरित गायन के कारण सोनू निगम को "मॉडर्न रफी" कहा जाता है.
3. सोनू निगम ने कितनी भाषाओं में गाने गाए हैं?
उन्होंने हिंदी समेत 32 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में 6,000 से ज्यादा गाने गाए हैं.
4. सोनू निगम का पहला लोकप्रिय गाना कौन-सा था?
शुरुआती दौर में टीवी धारावाहिक तलाश का गाना 'हम तो छैला बन गए' और बाद में 'अच्छा सिला दिया' से उन्हें बड़ी पहचान मिली.
5. सोनू निगम को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किस गाने के लिए मिला था?
उन्हें फिल्म 'कल हो ना हो' के टाइटल ट्रैक के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था.
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