RBI Gold Shift from London: भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए विदेश में जमा भारतीय सोने की एक बड़ी खेप घर वापसी कराई है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 को समाप्त हुई छमाही के दौरान रिजर्व बैंक (RBI) ने लंदन से 104.23 मीट्रिक टन सोना भारत की अपनी तिजोरियों में शिफ्ट कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जबकि दुनिया भर में उथल-पुथल मची हुई है।
दशकों बाद सोने की हुई घरवापसी
भारत और सोने का रिश्ता सदियों पुराना है। यह केवल एक निवेश विकल्प ही नहीं, बल्कि इसे धार्मिक मान्यताओं से भी जोड़कर भी देखा जाता है। भारतीय लोग सोने को लक्ष्मी के रूप में देखते हैं। लेकिन, सरकारी स्तर पर इस बेशकीमती धातु को विदेशों में रखने की एक मजबूरी रही है। अगर पिछले एक साल के आंकड़ों को देखें, तो मार्च 2025 में भारत की अपनी घरेलू तिजोरियों में 511.99 मीट्रिक टन सोना सुरक्षित था, जबकि सितंबर 2025 तक बढ़कर 575.82 मीट्रिक टन हो गया था।
सितंबर 2025 तक 290 मौट्रिक टन सोना विदेशों में था
अब ताजा रिपोर्ट मुताबिक, RBI ने विदेशी बैंकों पर निर्भरता कम करते हुए 104 टन और सोना भारत मंगा लिया है। खासबात यह है कि सितंबर 2025 तक लगभग 290.37 मीट्रिक टन सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और BIS के पास सुरक्षित था, जिसमें से अब एक बड़ा हिस्सा भारत वापस आ चुका है।
कुल स्वर्ण भंडार में उछाल
विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन पर जारी केंद्रीय बैंक की अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में कुल स्वर्ण भंडार मामूली रूप से बढ़कर 880.52 टन हो गया, जो सितंबर 2025 में 880.18 टन था। 880.52 टन सोने में 680.05 टन सोना घरेलू स्तर पर रखा गया है। इसके अलावा, 197.67 टन सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) के पास सुरक्षित रखा गया है, जबकि 2.80 टन सोने को स्वर्ण भंडार के रूप में रखा गया है। कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर मार्च 2026 में 16.7 प्रतिशत हो गई, जो छह महीने पहले 13.92 प्रतिशत थी।
भारत का फॉरेन करेंसी एसेट्स कितना है?
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 552.28 अरब डॉलर की फॉरेन करेंसी एसेट्स में से 465.61 अरब डॉलर सिक्योरिटीज में निवेशित हैं, 46.83 अरब डॉलर अन्य केंद्रीय बैंकों और बीआईएस के पास जमा हैं, जबकि 39.84 अरब डॉलर कॉमर्शियल बैंकों में जमा हैं। आरबीआई की शुद्ध अग्रिम परिसंपत्ति (देय) मार्च 2026 के अंत में 103.06 अरब डॉलर रही।

