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डंकिन डोनट्स ने की भारत से निकलने की तैयारी, 15 साल पुरानी फ्रेंचाइजी डील होगी खत्म

डंकिन डोनट्स ने की भारत से निकलने की तैयारी, 15 साल पुरानी फ्रेंचाइजी डील होगी खत्म

Dunkin' Donuts India Exit: देश की जानी-मानी क्विक सर्विस रेस्टोरेंट चेन चलाने वाली कंपनी जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड (Jubilant FoodWorks Ltd) ने डंकिन डोनट्स (Dunkin Donuts) के साथ अपना फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट रिन्यू नहीं करने का फैसला किया है।

जुबिलेंट के इस फैसले से इस अमेरिकी मल्टीनेशनल कॉफी और डोनट कंपनी के स्टोर्स को धीरे-धीरे बंद करने का फैसला किया गया है।

NDTV प्रॉफिट में छपी खबर के मुताबिक, जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड (JFL) और डंकिन' के बीच 24 फरवरी,2011 को साइन किया गया मल्टीपल यूनिट डेवलपमेंट फ्रेंचाइज़ एग्रीमेंट (MUDFA) 31 दिसंबर,2026 को खत्म होने वाला है। कंपनी के बोर्ड ने मौजूदा कार्यकाल पूरा होने पर,इस एग्रीमेंट के तहत दिए गए डेवलपमेंट राइट्स को रिन्यू न करने की मंज़ूरी दे दी है। ऐसे में साल के आखिरी तक डंकिन ने भारत से निकलने की तैयारी कर ली है।

फैसले के पीछे की वजह क्या है?

Jubilant FoodWorks Ltd का यह कदम बताता है कि कंपनी अब अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। अपने मुख्य ब्रांड्स और अहम बाजारों पर ज्यादा फोकस करना चाहती है। बोर्ड की मंजूरी और आधिकारिक फाइलिंग के बाद डंकिन से जुड़े कारोबार को बंद करने का फैसला लिया गया है। आने वाले समय में स्टोर्स के धीरे-धीरे बंद किया जाएगा। इसके साथ ही और अपडेट सामने आ सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार लगातार हो रहे नुकसान और बिजनेस में उम्मीद के मुताबिक ग्रोथ न मिलना इस समझौते के टूटने की बड़ी वजह माना जा रहा है।

कई देशों में फैला है कंपनी का कारोबार

जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड की शुरुआत 1995 में हुई थी और आज यह 6 देशों में अपना कारोबार कर रही है। भारत समेत तुर्की, बांग्लादेश, श्रीलंका, अजरबैजान और जॉर्जिया में कंपनी के 3,500 से ज्यादा स्टोर्स हैं। कंपनी Domino's और Popeyes जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स को भी मैनेज करने का काम करती है। इसके साथ ही खुद के ब्रांड्स जैसे Hong's Kitche और तुर्की में CAFE brand COFFY भी चलाती है।

अब क्या करेगी कंपनी?

जुबिलेंट फूडवर्क्स ने कहा कि डंकिन के ऑपरेशन्स को रीस्ट्रक्चर करने का प्रोसेस धीरे-धीरे होगा और यह ब्रांड ओनर के सलाह-मशविरा पर निर्भर करेगा। रेग्युलेटरी फाइलिंग में स्टोर बंद करने या एसेट ट्रांसफर के लिए टाइमलाइन नहीं बताई गई है। बस इतना कहा गया कि ये काम कॉन्ट्रैक्ट और रेगुलेटरी जरूरतों के हिसाब से धीरे-धीरे किए जाएंगे।

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