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Gold Monetisation Plan: अलमारी में रखे सोने से होगी मोटी कमाई! जान लीजिए RBI का नया प्लान

Gold Monetisation Plan: अलमारी में रखे सोने से होगी मोटी कमाई! जान लीजिए RBI का नया प्लान

Gold Monetisation Plan: हम में से ज्यादातर लोग सोना खरीदते तो हैं, लेकिन उसे सालों तक लॉकर में बंद करके भूल जाते हैं। शादी-ब्याह या इमरजेंसी के अलावा उसका कोई इस्तेमाल नहीं होता। लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) चाहता है कि यही लाकर में पड़ा सोना आपकी कमाई का जरिया बने।

RBI एक ऐसे प्लान पर काम कर रहा है, जिसमें आप अपना सोना बैंक में जमा करेंगे और उस पर ब्याज भी कमाएंगे।

क्या है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम?

यह कोई नई स्कीम नहीं है। सरकार ने इसे 2015 में शुरू किया था, जिसका मकसद था देश में पड़े सोने को इस्तेमाल में लाना और गोल्ड इंपोर्ट कम करना। इस स्कीम के तहत लोग अपना सोना बैंक में जमा कर सकते हैं, जिसे बाद में ज्वेलर्स और इंडस्ट्री में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन पहले लोगों ने इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थी कि जमा किया गया सोना पिघला दिया जाता था।

अब क्या बदलने जा रहा है?

RBI अब इस स्कीम को नए अंदाज में पेश करने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, पिछले कुछ सालों में लोगों का झुकाव गोल्ड ज्वैलरी से हटकर गोल्ड कॉइन्स और बार्स की तरफ बढ़ा है। 2025 में ही करीब 280 टन सोना इन फॉर्म्स में खरीदा गया। आरबीआई का मानना है कि सिक्कों और बार के साथ लोगों का वैसा भावनात्मक जुड़ाव नहीं होता जैसा गहनों के साथ होता है, इसलिए लोग इन्हें बैंक में जमा करने के लिए आसानी से तैयार हो जाएंगे।

आपको क्या फायदा मिलेगा?

अगर आप अपना सोना बैंक में जमा करते हैं, तो आपको इसके तीन बड़े फायदे मिलेंगे:

  • ब्याज से मोटी कमाई: अभी तक बैंक सोने पर 2% से 2.5% तक का सालाना ब्याज देते हैं। चर्चा है कि नई योजना में आरबीआई इस ब्याज दर को और बढ़ा सकता है। यानी सोने की कीमत तो बढ़ेगी ही, साथ में आपको अलग से ब्याज भी मिलेगा।
  • चोरी का डर खत्म: घर में सोना रखना हमेशा जोखिम भरा होता है। बैंक में जमा करने के बाद इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक की होती है। आपको इंश्योरेंस या लॉकर रेंट की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
  • वापसी का विकल्प: आप इसे एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह देख सकते हैं। जब आपकी स्कीम का समय पूरा होगा, तो आप उतना ही सोना वापस ले सकते हैं। हालांकि, आपको वही पुराना सिक्का या गहना नहीं मिलेगा, बल्कि उतनी ही वैल्यू का नया सोना या कैश मिलेगा।

देश को क्या मिलेगा?

RBI का यह प्लान सिर्फ आपके लिए नहीं, देश के लिए भी बड़ा गेम-चेंजर हो सकता है। भारत हर साल भारी मात्रा में सोना इंपोर्ट करता है, जिससे विदेशी मुद्रा (डॉलर) बाहर जाती है। अगर लोग अपना सोना बैंक में जमा करेंगे, तो ज्वेलर्स को बाहर से सोना मंगाने की जरूरत कम पड़ेगी। इससे न सिर्फ इंपोर्ट कम होगा, बल्कि भारतीय रुपया भी मजबूत हो सकता है। साथ ही, जो सोना अभी लॉकर में पड़ा है, वो इकोनॉमी में घूमेगा और GDP में योगदान देगा।

क्या हैं बड़ी चुनौतियां?

यह प्लान जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। सबसे बड़ी चुनौती है, लोगों का सोने से इमोशनल अटैचमेंट। भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा होता है। लोग अपने पुराने गहनों को पिघलते हुए नहीं देखना चाहते। दूसरी दिक्कत है, इनकम टैक्स का डर। कई लोगों के पास विरासत में मिला सोना है, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं होता। ऐसे में उन्हें डर रहता है कि बैंक में जमा करने पर सवाल उठ सकते हैं। सरकार को इन दोनों चीजों पर भरोसा बनाना होगा।

अगर आपके पास गोल्ड कॉइन्स या बार हैं जो सिर्फ पड़े हैं, तो आने वाले समय में उन्हें बैंक में जमा करना एक स्मार्ट मूव हो सकता है। इससे न सिर्फ आपको हर साल ब्याज मिलेगा, बल्कि आपका सोना देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।

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