HDFC Bank Share Price: शेयर बाजार में आज, 19 मार्च को बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2200 अंकों तक टूट गया था, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 23,200 नीचे आ गया था।
इस दौरान देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank में बड़ी गिरावट देखी गई। इसके शेयर लगभग 9% की गिरावट के साथ खुले, जिससे कुछ ही मिनटों में इसका मार्केट कैपिटल लगभग 1 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। यह शेयर मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आई गिरावट के बाद से इंट्राडे में सबसे बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। उस दौरान इसमें लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
इस वजह से बिकवाली के लिए दौड़े निवेशक
दरअसल, HDFC Bank के शेयरों में यह गिरावट बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद देखी जा रही है। अतनु ने बुधवार को एक पत्र में एथिक्स पर सवाल उठाते हुए अपना पद छोड़ दिया था। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले दो सालों में बैंक के अंदर कुछ घटनाएं और प्रैक्टिस ऐसी देखीं, जो उनकी वैल्यूज और एथिक्स से मेल नहीं खाती हैं। इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया। यही वजह है कि आज इसके शेयरों में तूफानी गिरावट देखने को मिली है।
52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचा स्टॉक
गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर HDFC Bank के शेयर लगभग 9 फीसदी की गिरावट के साथ 770 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। यह इसका नया 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर भी है। वहीं, 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,020.50 रुपये है। इस दौरान इसके मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 11.85 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया।
RBI ने दी क्लीन चिट
इसी बीच, गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसे एचडीएफसी बैंक के कंडक्ट या गवर्नेंस को लेकर फिलहाल कोई चिंता नहीं है। RBI ने इसे एक डोमेस्टिक सिस्टमैटिकली इम्पॉर्टेंट बैंक (D-SIB) करार देते हुए कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति पूरी तरह मजबूत है। मैनेजमेंट सक्षम है और बोर्ड पेशेवर तरीके से काम कर रहा है। RBI ने यह भी साफ किया कि बैंक के पास पर्याप्त लिक्विडिटी है। वह पूंजी के मामले में भी सुरक्षित स्थिति में है।
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