Home Loan Hidden Charges: हर इंसान का सपना होता है कि उसका भी अपना एक घर है, जहां वो अपने परिवार से साथ रह सके। मीडिल क्लास के लिए ये सपना पूरा करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए ही होम लोन को बनाया गया है।
होम लोन के जरिए मिडिल क्लास अपने इस सपने को पूरा कर लेता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि होम लोन की ईएमआई अलवा बैंक आपसे कई तरह के चार्ज वसूलता है।
जब हम बैंक में लोन के लिए जाते हैं,तो हमारा पूरा ध्यान सिर्फ दो चीजों पर होता है कि ब्याज दर कितनी है और महीने की किस्त कितनी बनेगी। अगर आप भी इन दो चीजों को ध्यान में रखते हुए बैंक जाते हैं, तो जरा ठहरिए! होम लोन की प्रक्रिया में बैंक आपसे सिर्फ ब्याज नहीं वसूलते हैं, वो लोन की फाइल आगे बढ़ाने से लेकर लोन बंद होने तक,ऐसे दर्जनों चार्ज आपसे लेते हैं। अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। आइए, उन Hidden Charges के बारे में जानते हैं।
- जैसे ही आप लोन के लिए आवेदन करते हैं, बैंक आपकी फाइल की जांच शुरू करता है। इसके लिए प्रोसेसिंग फीस ली जाती है। ये आमतौर पर आपके लोन अमाउंट का 0.5% से 1% तक होती है। मान लीजिए आपने 50 लाख का लोन लिया, तो सिर्फ फाइल प्रोसेस करने के नाम पर ही आपको ₹25,000 से ₹50,000 तक देने पड़ सकते हैं।कई बैंक इसके साथ एक लॉग-इन फीस या आवेदन शुल्क भी लेते हैं। अगर किसी वजह से आपका लोन रिजेक्ट हो जाता है, तब भी यह पैसा आपको वापस नहीं मिलता।
- बैंक आपको लोन देने से पहले यह सुनिश्चित करता है कि जिस घर को आप खरीद रहे हैं, वह कानूनी रूप से सही है या नहीं। इसके लिए बैंक अपने वकीलों और इंजीनियर्स को भेजता है।वकील चेक करते हैं कि प्रॉपर्टी के कागज असली हैं और उस पर कोई पुराना विवाद तो नहीं है। यहां पर एक लीगल फीस ली जाती है। अक्सर ग्राहकों को लगता है कि यह बैंक का काम है,लेकिन इसका बिल आपकी जेब से ही जाता है। कुछ बैंक इसे प्रोसेसिंग फीस में जोड़ देते हैं, तो कुछ अलग से ₹5,000 से ₹10,000 तक वसूलते हैं।
- होम लोन एक सिक्योर्ड लोन है,यानी आपका घर बैंक के पास गिरवी रहता है। इसके लिए मॉर्गेज डीड तैयार होती है। इस पर लगने वाली स्टैंप ड्यूटी राज्य सरकार तय करती है। ये लोन की राशि का 0.1% से 0.5% तक हो सकती है। जो लाखों के लोन पर ये हजारों का खर्च बन जाता है।
- अगर आप अंडर-कंस्ट्रक्शन (निर्माणाधीन) घर ले रहे हैं, तो बैंक किस्तों में पैसा बिल्डर को देता है। जब तक आपको घर का पजेशन नहीं मिलता और आपकी पूरी ईएमआई शुरू नहीं होती, तब तक बैंक आपसे उस पैसे पर सिर्फ 'ब्याज' वसूलता है। इसे Pre-EMI कहते हैं।
- अगर आपके पास कहीं से एकमुश्त पैसा आ जाए और आप अपना लोन समय से पहले बंद करना चाहें, तो बैंक इसपर भी पैसे लेता है। अगर आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है, तो RBI के नियम के अनुसार आप पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी। लेकिन अगर आपका लोन फिक्स्ड रेट पर है, तो बैंक आपसे 2% से 3% तक की भारी पेनल्टी ले सकता है। लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले यह क्लॉज जरूर पढ़ें।
बैंक अक्सर जोर देते हैं कि आप 'होम लोन इंश्योरेंस' लें। तर्क ये होता है कि अगर लोन लेने वाले के साथ कोई अनहोनी हो जाए, तो परिवार को घर से हाथ न धोना पड़े। हालांकि ये सुरक्षा के लिहाज से अच्छा है, लेकिन बैंक अक्सर इसका प्रीमियम आपके लोन अमाउंट में ही जोड़ देते हैं, जिससे आपकी ईएमआई बढ़ जाती है।
नोट- बैंक से ही इंश्योरेंस लेना अनिवार्य नहीं है,आप बाहर से सस्ता विकल्प भी चुन सकते हैं।

