Dailyhunt
Spam SMS Alert: स्पैम से कैसे बचें? जानिए मैसेज के पीछे लिखे S, P, G और T का मतलब

Spam SMS Alert: स्पैम से कैसे बचें? जानिए मैसेज के पीछे लिखे S, P, G और T का मतलब

Spam SMS Alert: आजकल मोबाइल उठाते ही सबसे पहले नजर जाती है मैसेज पर। ऑफर, बैंक अलर्ट, OTP, या फिर कोई अजीब लिंक, हर दिन कई SMS आते हैं। हम में से ज्यादातर लोग इन मैसेज को बिना देखे डिलीट कर देते हैं या फिर गलती से किसी फ्रॉड लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके पास आने वाले कुछ खास मैसेजेस के सेंडर आईडी (भेजने वाले के नाम) के पीछे '-P', '-S', '-T' या '-G' जैसे अक्षर लिखे होते हैं।

क्या है TRAI का यह प्लान?

भारत में 110 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं। इतने बड़े बाजार में ठगों के लिए जाल बिछाना बहुत आसान होता है। आए दिन लोग फिशिंग और स्कैम का शिकार होते हैं। इसी को रोकने के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक नियम बनाया है कि हर कमर्शियल (व्यावसायिक) मैसेज के हेडर के अंत में एक खास अक्षर होना अनिवार्य है। इससे यूजर को मैसेज खोलने से पहले ही पता चल जाता है कि अंदर क्या होने वाला है, कोई काम की बात या सिर्फ फालतू का विज्ञापन। अगर आप इन चार अक्षरों का मतलब समझ गए, तो आप समझिए कि आधे से ज्यादा फ्रॉड से तो वैसे ही बच गए।

S, P, G और T का मतलब क्या है

अगली बार जब फोन पर कोई नोटिफिकेशन आए, तो सेंडर के नाम के आखिरी अक्षर पर नजर डालें। इनका मतलब कुछ इस तरह है:

  • P - Promotional (प्रचार): अगर मैसेज के अंत में 'P' लिखा है, तो समझ जाइए कि यह सिर्फ एक विज्ञापन है। इसमें आपको डिस्काउंट, नए प्रोडक्ट्स या सेल की जानकारी दी जा रही होगी। जैसे: AD-Myntra-P या VM-Airtel-P।
  • T - Transactional (लेन-देन): यह सबसे जरूरी मैसेज होते हैं। आपके बैंक का OTP, नेट बैंकिंग अलर्ट या किसी खरीदारी की कन्फर्मेशन के पीछे 'T' लिखा होता है। जैसे: AX-Axis-T या HDFCBN-T।
  • S - Service (सेवा): ये मैसेज आपको किसी अपडेट या रिमाइंडर के लिए भेजे जाते हैं। जैसे बिजली बिल का रिमाइंडर या आपकी फ्लाइट की स्टेटस अपडेट। इनके पीछे 'S' लगा होता है।
  • G - Government (सरकारी): अगर सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना, जैसे वैक्सीनेशन अपडेट या आपदा प्रबंधन की चेतावनी आती है, तो उसके अंत में 'G' लिखा होगा।

स्पैम मैसेज कैसे पहचानें?

सबसे जरूरी बात यह है कि असली बैंक, सरकारी संस्थाएं या बड़ी कंपनियां हमेशा इसी फॉर्मैट का पालन करती हैं। अगर आपके पास किसी अनजान 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से मैसेज आता है कि "आपका बिजली बिल पेंडिंग है" या "KYC अपडेट करें" और उस नंबर में ये क्लासिफिकेशन कोड (S, P, G, T) नहीं हैं, तो समझ जाइए कि वह एक स्कैम है।

सावधानी की टिप

कभी भी किसी अनजान नंबर से आए मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें और अपना 'OTP' तो भूलकर भी किसी के साथ शेयर न करें। असली बैंक या सरकारी विभाग कभी फोन या मैसेज पर OTP नहीं मांगते।

इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको हर मैसेज खोलकर अपना समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। अगर आप काम में बिजी हैं और सेंडर आईडी के पीछे 'P' देखते हैं, तो आप उसे बिना देखे इग्नोर कर सकते हैं। वहीं अगर 'T' या 'G' दिखे, तो समझ जाइए कि यह कोई जरूरी सूचना हो सकती है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Mint hindi