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भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, एशियन गेम्स के ट्रायल्स में शामिल होने की मिली इजाजत

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, एशियन गेम्स के ट्रायल्स में शामिल होने की मिली इजाजत

MP Breaking News 4 months ago

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय पहलवान विनेश फोगाट के करियर को लेकर चल रही अनिश्चितता पर अब विराम लग गया है, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आगामी एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में शामिल होने की अनुमति देकर एक बड़ी राहत दी है।

इस फैसले के बाद देश के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जो लंबे समय से विनेश के भविष्य को लेकर चिंतित थे। दरअसल, रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने विनेश को इन ट्रायल्स में हिस्सा लेने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसे अब अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया है। यह कानूनी लड़ाई विनेश के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय ने उनके लिए एशियाई खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त कर दिया है।

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी विनेश फोगाट के पक्ष में ही अपना निर्णय सुनाया था, लेकिन फेडरेशन ने उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का रास्ता चुना था। अब सर्वोच्च न्यायालय की इस निर्णायक मंजूरी के बाद विनेश फोगाट के लिए एशियाई खेलों के ट्रायल्स में उतरने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है, जिससे उनके समर्थकों और देश के कुश्ती प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्ववर्ती फैसले में किसी भी तरह का बदलाव करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने विनेश फोगाट की सराहना करते हुए टिप्पणी की कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रौशन किया है और पूरे राष्ट्र को उन पर गर्व है। यह टिप्पणी विनेश के लिए एक बड़ा नैतिक समर्थन भी है, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की प्रक्रिया पर जताई चिंता

हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर थोड़ी चिंता अवश्य व्यक्त की कि हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले की सुनवाई किस प्रक्रिया से की थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हाई कोर्ट के मुख्य आदेश में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या बदलाव करने से परहेज किया। इस निर्णय से यह भी स्पष्ट हो गया है कि न्यायपालिका खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर है, बशर्ते कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए। विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में शामिल होने की अनुमति देने के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के कामकाज के तरीके पर गंभीर चिंता व्यक्त की। सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट मत था कि हाई कोर्ट ने जिस ढंग से इस मामले की सुनवाई की, वह प्रक्रिया सही नहीं थी।

हाईकोर्ट ने WFI को लगाई थी फटकार

कोर्ट ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी दी कि यदि अदालतें खेल से जुड़े मामलों में अनावश्यक रूप से अधिक दखलअंदाजी करेंगी, तो इसका खेल के संपूर्ण तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह टिप्पणी खेल संघों को अपनी प्रक्रियाओं में सुधार करने और पारदर्शिता लाने के लिए भी एक संकेत है। गौरतलब है कि 22 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में शामिल होने की मंजूरी दी थी। उस समय हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट रूप से कहा था कि खिलाड़ियों का चयन करने के उनके नियम भेदभावपूर्ण और पक्षपातपूर्ण हैं। अदालत का यह भी मानना था कि WFI के इन नियमों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान मौजूद नहीं था, जिससे मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करने वाली विनेश जैसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ी के नाम पर उचित विचार किया जा सके। रेसलिंग फेडरेशन (WFI) ने दिल्ली हाई कोर्ट के इसी महत्वपूर्ण फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिस पर अब अंतिम निर्णय आ गया है और विनेश के लिए एक नया अध्याय शुरू हो गया है।

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