Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
"BJP मारती तो TMC का नामोनिशान न मिलता.." अभिषेक बनर्जी के आरोपोंं पर भाजपा नेता दिलीप घोष का पलटवार, जानें और क्या कहा

"BJP मारती तो TMC का नामोनिशान न मिलता.." अभिषेक बनर्जी के आरोपोंं पर भाजपा नेता दिलीप घोष का पलटवार, जानें और क्या कहा

MP Breaking News 1 week ago

श्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

इस घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर भाजपा पर हमला करवाने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भाजपा नेता दिलीप घोष ने बेहद आक्रामक तरीके से पलटवार करते हुए टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए इस नए मोड़ ने तनाव को और गहरा दिया है, जहां दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में टीएमसी नेताओं पर हमला करवाना या उन्हें खत्म करना चाहती तो इसमें पंद्रह दिन भी नहीं लगते और राज्य में तृणमूल कांग्रेस का नामोनिशान तक नहीं मिलता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद भी कानून व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास कर रही है और पार्टी किसी भी कीमत पर किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी। घोष का यह बयान अभिषेक बनर्जी के उस आरोप के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन पर हुए हमले के पीछे भाजपा का हाथ है और विपक्षी दल उनके नेताओं को लगातार निशाना बना रहे हैं।

दिलीप घोष ने टीएमसी पर लगाया राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप

दिलीप घोष ने अपने बयान में तृणमूल कांग्रेस पर राज्य में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पिछले पंद्रह वर्षों के टीएमसी शासनकाल में राज्य में चालीस हजार से अधिक लोगों की हत्याएं हुई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की जनता ने टीएमसी के शासन के दौरान व्यापक हिंसा झेली है और अब लोग इन घटनाओं का जवाब मांग रहे हैं। घोष ने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस के अपने ही नेताओं की हत्या के मामलों में भी पार्टी नेताओं ने राज्य पुलिस पर भरोसा न दिखाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की थी, जो राज्य की कानून व्यवस्था पर उनके अपने ही दल के विश्वास की कमी को दर्शाता है।

अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि उन पर हुए कथित हमले के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ है और टीएमसी नेताओं का आरोप है कि प्रशासन उनके नेताओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह विफल रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि भाजपा न केवल हिंसा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि अस्पताल और डॉक्टरों पर भी दबाव बना रही है ताकि अभिषेक बनर्जी का उचित इलाज न हो सके। ममता बनर्जी के इन आरोपों ने पहले से ही तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में और अधिक गरमाहट ला दी है, जिससे पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। दोनों दलों के बीच जारी इस आरोप-प्रत्यारोप के दौर ने राज्य में आगामी राजनीतिक परिदृश्य को और भी अनिश्चित बना दिया है, जहां हिंसा और सुरक्षा का मुद्दा एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने की संभावना है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: MP Breaking News