Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सड़क पर खेलना कोई नाटक नहीं, बल्कि भविष्य की चेतावनी है, नीमच में मैदान बचाने खिलाड़ियों का अनोखा प्रदर्शन

सड़क पर खेलना कोई नाटक नहीं, बल्कि भविष्य की चेतावनी है, नीमच में मैदान बचाने खिलाड़ियों का अनोखा प्रदर्शन

MP Breaking News 1 week ago

नीमच में खेल के मैदान पर प्रस्तावित किए गए सांदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण का विरोध अब सड़क तक पहुंच गया है। शनिवार की सुबह भी भारत माता चौराहा पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

यहां शहर के ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने के लिए मैदान बचाओ समिति के सदस्य, शहर के खिलाड़ी, युवा और नागरिक सड़क पर उतरे।

खिलाड़ियों के लिए मैदान को बचाने के लिए यहां अनोखा प्रदर्शन किया गया। जितने भी लोग यहां मौजूद थे। सभी ने सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया। यह किसी भी तरह की प्रतियोगिता या एंटरटेनमेंट के लिए किया जा रहा खेल नहीं था बल्कि प्रशासन की आंखें खोलने के लिए एक अनोखा प्रदर्शन था।

क्या है मामला

शहर के खिलाड़ियों और नागरिकों द्वारा यह प्रदर्शन जिले में मौजूद प्रमुख खेल के मैदान पर प्रस्तावित किए गए सांदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण के विरोध में किया जा रहा है। आंदोलन कर रहे लोगों ने यह कहा है कि उन्हें शिक्षा या फिर स्कूल से कोई परेशानी नहीं है। वह बस ये चाहते हैं कि स्कूल निर्माण के लिए शहर की किसी अन्य उपयुक्त भूमि का चयन किया था। मैदान वैसे भी कम होते जा रहे हैं ऐसे में अगर यहां भी स्कूल बना दिया जाएगा तो खिलाड़ियों को खेलने की जगह नहीं बचेगी। नागरिकों का कहना है कि जिस तरह से शिक्षा जरूरी है, उस तरह से समाज के लिए खेल भी जरूरी है।

किया गया अनोखा प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर बल्ला घुमाकर और फुटबॉल को किक मारकर अनोखा प्रदर्शन किया। इस तरह से उन्होंने प्रशासन को संदेश दिया है कि अगर मैदान पर कंक्रीट की इमारत खड़ी हो जाएगी तो शहर के हजारों खिलाड़ी अभ्यास कहां करेंगे। आज जो खेल प्रदर्शन के तौर पर सड़क पर खेले गए हैं आने वाले समय में बच्चों को मजबूरी में सड़क के ट्रैफिक के बीच यह सब करना पड़ेगा।

क्या है मांग

मैदान बचाओ समिति का कहना है कि यह केवल कुछ खिलाड़ियों की मांग नहीं है बल्कि हर उस माता-पिता की लड़ाई है, जो चाहता है कि बच्चा खुली हवा में दौड़े, खेले और स्वस्थ रहे। अगर समय से मैदान को नहीं बचाया गया तो भविष्य में नीमच के पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और आम नागरिक उपस्थित रहे।

प्रदर्शनकारियों का क्या कहना

मुर्तजा डेरकी ने कहा कि "यह मैदान सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि हमारे शहर के खेल इतिहास की धड़कन है। यहां से कई खिलाड़ियों ने अपने सपने बुने हैं। अगर इस मैदान पर इमारत बन गई, तो हम सिर्फ एक जमीन नहीं, बल्कि शहर का खेल-भविष्य खो देंगे।"

प्रदर्शन कर यह बाबा ने कहा कि "आज हमने सड़क पर खेलकर जो दिखाया है, वह कोई नाटक नहीं बल्कि भविष्य की एक डरावनी तस्वीर है। अगर बच्चों से उनके मैदान छीन लिए जाएंगे, तो वे कहां जाएंगे? क्या हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे मोबाइल स्क्रीन में सिमट जाएं या इन खतरनाक सड़कों पर खेलें?"

कीर्ति पंचोली ने कहा कि "हमारा यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष या संस्था के खिलाफ नहीं है। स्कूल बनना चाहिए, शिक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन इसके लिए शहर में और भी कई जगहें हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हमारी हाथ जोड़कर अपील है कि वे बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल के लिए कोई वैकल्पिक जगह तय करें।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: MP Breaking News