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सीएम मोहन के नेतृत्व में बना रिकॉर्ड, E-Pravesh से 4.89 लाख छात्रों ने लिया एडमिशन, पिछले 4 वर्षों में समान अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा

सीएम मोहन के नेतृत्व में बना रिकॉर्ड, E-Pravesh से 4.89 लाख छात्रों ने लिया एडमिशन, पिछले 4 वर्षों में समान अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा

MP Breaking News 1 week ago

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग ने नया रिकॉर्ड बनाया है। उच्च शिक्षा विभाग की विद्यार्थी-केंद्रित ई-प्रवेश (e-Pravesh) प्रणाली ने उच्च शिक्षा में प्रवेश का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस साल 24 जुलाई तक प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में 4 लाख 89 हजार 169 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त कर लिया है। यह पिछले चार वर्षों में समान अवधि का सर्वाधिक आंकड़ा है।

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 में समान अवधि तक 3 लाख 21 हजार 154, वर्ष 2024-25 में 3 लाख 25 हजार 95 और वर्ष 2025-26 में 4 लाख 15 हजार 655 प्रवेश लिया था लेकिन वर्ष 2026-27 में 4 लाख 89 हजार 169 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त किया जो पिछले वर्ष की तुलना में 73 हजार 514 तथा वर्ष 2023-24 की तुलना में 1 लाख 68 हजार 15 अधिक है।

बता दें कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अब तक 7 लाख 18 हजार 386 विद्यार्थियों ने ई-प्रवेश पोर्टल पर पंजीयन कराया है। इनमें से 6 लाख 31 हजार 854 विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण हो चुका है तथा 4 लाख 89 हजार 169 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्राप्त कर लिया है। एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों में 3 लाख 38 हजार 148 अंडर ग्रेजुएशन, 1 लाख 4 हजार 455 पोस्ट ग्रेजुएशन और 46 हजार 566 एनसीटीई पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेने वाले छात्र शामिल हैं। यह वृद्धि प्रदेश में उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार तथा विद्यार्थी-अनुकूल नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

ई-प्रवेश से विद्यार्थियों को मिली घर बैठे-बैठे एडमिशन की सुविधा

  • इस सफलता के पीछे सबसे अहम भूमिका विभाग द्वारा विकसित ई-प्रवेश पोर्टल एवं मोबाइल एप की रही। इसमें छात्रों को घर बैठे पंजीयन, दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन सत्यापन, महाविद्यालय एवं पाठ्यक्रम का चयन, शुल्क भुगतान तथा प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने का मौका दिया गया।
  • इसके अलावा प्रदेशभर के महाविद्यालयों में हेल्प सेंटर, विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु 24×7 कॉल सेंटर, जिला एवं संभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रभावी तकनीकी सहायता की व्यवस्था की गई है।
  • विशेष रूप से कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (CLC) चरण को पूरी तरह विद्यार्थी-केंद्रित बनाया गया है। विद्यार्थियों को उसी दिन पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

प्रवेश का अंतिम अवसर 31 जुलाई तक

CLC राउंड के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में "प्रवेश मेला" अभियान संचालित किया। इसके तहत विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं संशोधन, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन संबंधी मार्गदर्शन तथा शुल्क भुगतान सहित प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जिन विद्यार्थियों ने पंजीयन या दस्तावेज सत्यापन के बाद भी शुल्क जमा नहीं किया था, उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। जिन पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटें अधिक थीं, वहां विशेष परामर्श अभियान चलाकर विद्यार्थियों को विषय चयन एवं चॉइस संशोधन में सहायता प्रदान की गई। सीएलसी चरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि अंतिम चरण में भी हेल्प सेंटर पूरी सक्रियता से संचालित रहें तथा प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

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