Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
TMC का बड़ा एक्शन, विधायक संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाला, दल विरोधी गतिविधियों का आरोप

TMC का बड़ा एक्शन, विधायक संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाला, दल विरोधी गतिविधियों का आरोप

MP Breaking News 4 months ago

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए अपने दो मौजूदा विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया।

यह कार्रवाई संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी के खिलाफ की गई है, जिन पर पार्टी ने दल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के हितों के खिलाफ लगातार काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। क्योंकि अब यदि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई न की जाती तो पार्टी में अनुशासनहीनता का संदेश जाता और भविष्य में अन्य नेताओं को भी गलत गतिविधियों में लिप्त होने का मौका मिलता।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस निष्कासन की सूचना विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस को भी एक पत्र के माध्यम से भेज दी गई है। इसका सीधा मतलब है कि ऋतब्रत और संदीपन भले ही विधानसभा के सदस्य बने रहेंगे, लेकिन अब वे तृणमूल कांग्रेस के विधायक के तौर पर नहीं पहचाने जाएंगे। उनका दल से नाता पूरी तरह टूट चुका है, और यह कदम पार्टी के भीतर एक कड़ा संदेश देने वाला है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महत्वपूर्ण बैठकों से लगातार गैरहाजिर रहे दोनों विधायक

तृणमूल कांग्रेस ने 1 जून को जारी किए गए अपने अलग-अलग निष्कासन नोटिस में साफ तौर पर कहा कि दोनों विधायक पार्टी के अधिकृत नेतृत्व द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहे। यह एक गंभीर अनुशासनहीनता है क्योंकि पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले नेताओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे संगठनात्मक अनुशासन का पूरी तरह से पालन करेंगे। लेकिन इन दोनों नेताओं ने इस अपेक्षा को लगातार नजरअंदाज किया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा था और संगठन की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ रहा था।

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पार्टी के सक्षम प्राधिकारी ने अपनी समीक्षा में पाया कि इन दोनों विधायकों ने ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है और ऐसे बयान दिए हैं जो सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के लिए हानिकारक सिद्ध हुए हैं। इसे पार्टी ने बेहद गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है, जिसके बाद ही उनके खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई है। पार्टी ने अपने नोटिस में कहा है कि पूरे मामले पर उचित और गहन विचार-विमर्श करने के बाद ही तृणमूल कांग्रेस के सक्षम प्राधिकारी ने इन दोनों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कोई हड़बड़ी में नहीं लिया गया है, बल्कि कई स्तरों पर समीक्षा के बाद ही इस पर मुहर लगाई गई है।

संदीपन-ऋतब्रत अब नहीं कर सकेंगे पार्टी पदों या विशेषाधिकारों का उपयोग

तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले के बाद यह भी साफ कर दिया कि निष्कासन के बाद संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी पार्टी से जुड़े किसी भी पद, किसी भी जिम्मेदारी, किसी भी विशेषाधिकार या किसी भी अधिकार का उपयोग कतई नहीं कर पाएंगे। यह निर्णय नोटिस जारी होने की तारीख से ही तत्काल प्रभावी माना जाएगा। क्योंकि पार्टी किसी भी तरह की ढिलाई या दोहरे मापदंड का संदेश नहीं देना चाहती। यदि ऐसा होता तो यह अन्य कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए एक गलत मिसाल पेश करता।

हालांकि, पार्टी ने दोनों विधायकों पर दल विरोधी गतिविधियों का आरोप तो लगाया है, लेकिन अपने जारी नोटिस में उन विशिष्ट गतिविधियों या बयानों का कहीं भी जिक्र नहीं किया है, जिनके चलते यह कार्रवाई की गई है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा पूरे मामले की गहन समीक्षा के बाद ही यह बड़ा और दूरगामी निर्णय लिया गया है। पार्टी के इस बड़े और अप्रत्याशित फैसले के बाद संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। अब देखना होगा कि ये दोनों विधायक आगे क्या रुख अपनाते हैं और इस निष्कासन का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ता है, क्योंकि यह कार्रवाई भविष्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकती है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: MP Breaking News