#धर्मादेश
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*🕉️धर्मादेश ✍️ पहले हिंदू गुरुओं को जगाओ हिंदू खुद जाग जाए गा🪷*
⬤≛⃝❈❃════❖*
*"धर्म का आदेश" या "धार्मिक नियमों और सिद्धांतों का औपचारिक घोषणा।"*
*इतिहास में, धर्मादेश की अवधारणा विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों में अलग-अलग समय पर उभरती ही रही है।*
*भारतीय संदर्भ में:*
*प्राचीन वेदिक काल*
*धर्म का आधार वेदों को माना जाता है।* *"धर्मादेश" का पहला औपचारिक उल्लेख वेदों और स्मृतियों में हुआ, जैसे "मनुस्मृति" और "याज्ञवल्क्य स्मृति।" इनमें सामाजिक, नैतिक और धार्मिक नियमों की व्याख्या की गई थी।* .
*फिर बौद्धकाल और अशोक का धर्मादेश* .
*भारतीय इतिहास में "धर्मादेश" का सबसे प्राचीन और व्यवस्थित उल्लेख सम्राट अशोक के समय (268–232 BCE) में मिलता है।* *अशोक ने अपने शिलालेखों और स्तंभों में "धम्म" (धर्म) के सिद्धांतों का प्रचार किया।
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*🕉️धर्मादेश ✍️ पहले हिंदू गुरुओं को जगाओ हिंदू खुद जाग जाए गा🪷*
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*"धर्म का आदेश" या "धार्मिक नियमों और सिद्धांतों का औपचारिक घोषणा।"*
*इतिहास में, धर्मादेश की अवधारणा विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों में अलग-अलग समय पर उभरती ही रही है।*
*भारतीय संदर्भ में:*
*प्राचीन वेदिक काल*
*धर्म का आधार वेदों को माना जाता है।* *"धर्मादेश" का पहला औपचारिक उल्लेख वेदों और स्मृतियों में हुआ, जैसे "मनुस्मृति" और "याज्ञवल्क्य स्मृति।" इनमें सामाजिक, नैतिक और धार्मिक नियमों की व्याख्या की गई थी।* .
*फिर बौद्धकाल और अशोक का धर्मादेश* .
*भारतीय इतिहास में "धर्मादेश" का सबसे प्राचीन और व्यवस्थित उल्लेख सम्राट अशोक के समय (268–232 BCE) में मिलता है।* *अशोक ने अपने शिलालेखों और स्तंभों में "धम्म" (धर्म) के सिद्धांतों का प्रचार किया।
*ये धर्माआदेश पत्थरों और स्तंभों पर अंकित किए गए और पूरे साम्राज्य में फैलाए गए थे।*
*पश्चिमी संदर्भ में*
*यहूदी और ईसाई धर्म:*
*बाइबल में "दस आज्ञाएँ" (Ten Commandments) को धर्मादेश का पहला औपचारिक रूप माना जाता है। इसे मूसा को ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया था, और यह नैतिक और धार्मिक नियमों का मूल आधार मान लिया गया है।*
*इस्लामिक धर्मादेश*
*इस्लाम में धर्मादेश के रूप में "कुरआन" और "हदीस" का महत्व माना जाता है,*
*जो पैगंबर मोहम्मद के समय (7वीं शताब्दी CE) में स्थापित हुए थे।*
*सार या भाव*
*जहां भारतीय परिप्रेक्ष्य में अशोक के धर्मादेश और वेदों के सिद्धांत प्राचीनतम उदाहरण हैं।*
*वही वैश्विक संदर्भ में, यहूदी धर्म की "दस आज्ञाएँ" और अन्य धार्मिक ग्रंथों में धर्मादेश की अवधारणा भी पाई जाती है।*
*चलिए यह थी धर्मादेश कि उत्पति की धारणा*
*फतवा और धर्मादेश में मूलभूत अंतर धार्मिक, कानूनी और प्रशासनिक दृष्टिकोणों से है।*
*दोनों धार्मिक और नैतिक नियमों का प्रतिनिधित्व करते हैं,* *लेकिन उनकी प्रकृति, प्रयोजन और अधिकार क्षेत्र में विभिन्नता हो जाती है।*
*फतवा (Fatwa):*
*फतवा की परिभाषा*
*फतवा एक इस्लामी कानूनी राय या निर्णय है, जो किसी धार्मिक या सामाजिक मुद्दे पर इस्लामी कानून (शरीयत) के आधार पर दी जाती है।*
*इस कारण देश के कानून से इनका कानून अलग हो जाता है यह लोग जिस भी देश के वासी हों उस देश के कानून को अपने निजी हित का नाम बता उस देश के कानून को ही मानने या ना मानने की बात करने लगते है और उसी देश के संविधान का चीर हरण करने लगते है*
*इस फतवे को इस्लामी विद्वान (मुफ़्ती) द्वारा जारी किया जाता है।*
*इस की विशेषताएँ*
*वैसे तो गैर-बाध्यकारी: फतवा कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होता।*
*यह केवल परामर्श माना जाता है और इसका पालन व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है।*
*वैयक्तिक या सामुदायिक मुद्दे पर यह किसी व्यक्तिगत समस्या (जैसे विवाह, तलाक, व्यापार आदि) या सामुदायिक प्रश्नों पर तो आधारित हो सकता है।*
*आज तो इस फतवे को गैर धर्मों के सिर कलम करने के रूप में देना ही यह साबित करता है कि वह किसे के साथ भाईचारा रखना नही चाहते और हिंदू ,मुस्लिम,सिख,ईसाई,आपस में भाई भाई का चीर हरण करने का कारण होता है जिस से शांत वातावरण तनावपूर्ण होने लगता है*
*क्यों कि फतवा शरीयत के आधार पर दिया जाता है, और इसका उद्देश्य इस्लामी परंपराओं और नैतिकता के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान करना होता है का सारा उद्देश्य ही राज द्रोही हो जाता है*
*अब यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि*
*किसी विशेष परिस्थिति में उसका कार्य धार्मिक रूप से सही है या नहीं, तो वह फतवे की मांग करता है।*
*और दूसरे धर्म में धर्म कर्म के पंडालों ,यात्राओं, मंदिरों को नुकसान पहुंचा कर अपने धर्म के फतवे की रक्षा करने आजाता है*
*ओर जब दूसरा धर्म अपने बचाव के लिए प्रहार करता है या उस देश का कानून अपनी बनती कार्यवाही करे तो नया फतवा आ जाता है जो सरकार के विरोध में होता है*
*तब भाई चारा गैंग सक्रिय हो कर कहने लगता है " आपस में बैर रखना नही सिखाता हिंदुस्तान हमारा आत्म रक्षा करना नहीं काम तुम्हारा डबल सिद्धांतों से जीवन नहीं चलता ना आने वाली पीढ़ियां ही कोई सुख पाती हैं*
*भाई चारे की बात करना बुरा नहीं पर भाई चारा निभाना किसी एक की बात भी नहीं*
*हिंदू धर्म के लिए आज उनको पुनः धर्मादेश की जरूरत है जो समय समय पर धर्म गुरुओं को भी आगे आकर करनी चाहिए अगर वह ऐसा नहीं करते तो आप के धर्म और आप का दोनों के पतन को कोई रोक भी नहीं सकता और हम ,सेकुलर,लिबरल,जाती_पाती में उलझ कर आपस में ही लड़ लड़ कर खत्म हो जाएंगे*
*जिस का जिम्मेदार ना मैं ना आप यह धर्म के ठेकेदार हमारे गुरुजन ही होगे*
*जो द्रोणाचार्य की तरह धर्म युद्ध में आमने सामने कर के हमें ही मरवाए गे*
*जब तक यह धर्म गुरु अपने "धर्मादेश" का पालन नहीं करते तब तक हिंदू कुंभ कर्ण की नींद से नहीं जाग सकता*
*धर्मादेश (Dharma Adesh):*
*जिस की परिभाषा है*
*धर्मादेश भारतीय परंपराओं में धार्मिक या नैतिक नियमों, सिद्धांतों, या आदेशों का एक औपचारिक साझा बयान*
*यह आमतौर पर धर्मशास्त्रों, शिलालेखों, या धार्मिक*
*गुरु पद के अधिकारियों द्वारा जारी किया जाना जरूरी है अपने गुरु पद पर बैठे अधिकारियों को जगाओ हिंदू खुद जाग जाए गा*
