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Google OS के लेटेस्ट वर्जन Android P का नाम Android Pistachio तो नहीं?

गूगल के नया मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम 'Android P' का नाम लीक हो गया है। अब तक जब भी एंड्रॉइड का नया वर्जन आने वाला होता है, तो उसके नाम के बारे में ढेर सारी अटकलें लगाई जाती हैं। हुआवेई कंपनी के एक कर्मचारी ने एक स्मार्टफ़ोन के बारे में किसी सवाल के जवाब में ये जानकारी दी है।

गूगल के अपकमिंग स्मार्टफ़ोन ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉइड पी यानी एंड्रॉइड 9.0 को सबसे पहले गूगल ने मई में अपने I/O डेवलपर कॉन्फ्रेंस में पेश किया था। जैसा कि हम सब जानते हैं गूगल हर साल एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम का अपग्रेडेड वर्जन लाता है। इन वर्जन का नाम किसी न किसी मिठाई के नाम पर ही होता है। लेटेस्ट वर्जन एंड्रॉइड पी का नाम भी किसी मीठे व्यंजन पर रखा गया है, पर अभी तक इसका नाम जाहिर नहीं किया गया था। लेकिन एक ताजी रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्जन का नाम Android Pistachio (एंड्रॉइड पिस्टैशियो) हो सकता है। गूगल ने पिछले साल Android "O" को पेश किया था जिसे 8.0 यानी ओरियो भी कहते हैं।

पिस्टैशियो कोई मीठा व्यंजन नहीं बल्कि सूखा मेवा है जिसका इस्तेमाल मीठे व्यंजन बनाने में किया जाता है। ऐसे में हो सकता है ये पिस्टैशियो आइसक्रीम हो? पर ये भी संभव है कि ये रिपोर्ट गलत हो, और पी का मतलब पाई या कुछ और हो। नाम के बारे में कई सारी अटकलें लगाई जा सकती हैं। सच तो हमें आने वाला वक्त ही बताएगा जब गूगल इससे पर्दा उठाएगा।

हुआवेई कर्मचारी के मुताबिक एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के नए वर्जन का नाम एंड्रॉइड पिस्टैशियो (Android Pistachio) होगा। कर्मचारी ने ये जानकारी तब दी जब उनसे Huawei P9 Lite के सॉफ्टवेयर अपग्रेड पाथ के बारे में सवाल किया गया। लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पी का मतलब पिशैचियो ही हो।

पिस्टैशियो एक सूखा मेवा है। जबकि गूगल हमेशा अपने लेटेस्ट वर्जन का नाम किसी मीठी चीज के नाम पर रखता है। इस लिहाज से पिशैचियो नाम फिट नहीं बैठता। हो सकता है कि गूगल इसका नाम Pistachio Ice Cream रख दे। फिलहाल एंड्रॉइड पी का 3rd Developer Preview चल रहा है और फाइनल पब्लिक वर्जन अगले महीने उपलब्ध हो सकता है। इसलिए पी का मतलब जानने के लिए फिलहाल हमें पब्लिक रीलीज़ का इंतजार करना होगा।

गूगल के आने वाले लेटेस्ट एंड्रॉइड अपडेट में बदला हुआ डिजाइन, बेहतर परफॉर्मेंस और पुख्ता सुरक्षा जैसे फीचर शामिल किए जाएंगे। एंड्रॉइड पी में ओएस को अधिक सक्षम बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसलिए इसमें एडेप्टिव बैटरी, एडेप्टिव ब्राइटनेस जैसे खास फीचर मौजूद होंगे। एडेप्टिव बैटरी फीचर देखेगा कि यूजर फ़ोन का इस्तेमाल कैसे करता है, और फिर उसी के अनुसार पावर यूज को सेट करेगा। एडेप्टिव ब्राइटनेस फीचर पता करेगा कि यूजर के लिए कितनी ब्राइटेनस सेहतमंद है। यह फीचर एंबियंट लाइटनिंग परिस्थितियों के आधार पर ब्राइटनेस को कंट्रोल करेगा। यूज़र को बार बार ब्राइटनेस लेवल को कम-ज्यादा करने से छुटकारा मिलेगा। यूज़र को खुद ब्राइटनेस लेवल में बदलाव करने से छुटकारा मिल जाएगा।

गूगल ने इस ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ और फीचर ऐड किए हैं जो कभी भी फोन के साथ अटकने पर आपकी मदद करेंगे। एक और फीचर है, कॉल ऐप टाइम लिमिट। ये देखेगा कि कि आप किसी ऐप का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल तो नहीं कर रहे, मतलब आपको किसी ऐप की लत तो नहीं पड़ गई। इसके अलावा ऐप एक्शन्स फीचर यूज़र को किसी एक्शन के लिए ऐप का सुझाव देगा। गूगल के मुताबिक ये लॉन्चर, स्मार्ट टेक्स्ट सेलेक्शन, प्ले स्टोर, गूगल सर्च ऐप और असिस्टेंट में भी उपयोगी होगा। इस तरह एंड्रॉइड पी एंड्रॉइड ओरियो के फीचर में कई सारे बदलाव लाने वाला है जो सभी डिस्प्ले फ़ोन को भविष्य की नई चुनौतियों से मुकाबला करने की काबलियत देगा।

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