Electric Bus Fleet By 2047 News: ‘विकसित महाराष्ट्र’ के लक्ष्य के अंतर्गत राज्य परिवहन महामंडल के बेड़े को वर्ष 2029 तक 50 प्रतिशत, 2035 तक 80 प्रतिशत और 2047 तक शत प्रतिशत ई-बसों में परिवर्तित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस दिशा में ई-बसों के संचालन के लिए आवश्यक चार्जिग स्टेशनों की स्थापना के कार्य में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में ‘वर्षा’ निवासस्थान पर महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की ई-वस परियोजना को लेकर बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, अपर मुख्य सचिव संजय सेठी, एसटी के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ। माधव कुसेकर, मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे, उप सचिव चेतन निकम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
ई बस को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने की चर्चा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जिन मार्गों पर पर्यावरण अनुकूल ई-बसें चलाई जानी हैं, उनका अध्ययन एआई तकनीक की सहायता से किया जाए। आपूर्तिकर्ता से बसे प्राप्त होने के बाद अगले सात दिनों के भीतर उनका निरीक्षण किया जाए। ई-बसों के लिए एक समग्र इकोसिस्टम विकसित किया जाए। जिन मार्गों पर निजी बसें संचालित हो रही हैं, उनका भी अध्ययन कर ई-बसों के संचालन का विकल्प तैयार रखा जाए।
महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह नीति
- राज्य सरकार की वर्तमान ई-वाहन नीति के तहत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ई-बसों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
- नीति के अनुसार 1500 ई-बसों के लिए बस की कीमत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 20 लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
- राज्य में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से यह नीति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल वर्तमान में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर 5150 ई-बसों की महत्वाकांक्षी परियोजना क्रियान्वित कर रहा है।
- इस परियोजना के माध्यम से राज्य के यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और प्रदूषण-मुक्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी।

