Amit Shah Ladakh visit Sonam Wangchuk: 30 अप्रैल से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन के लद्दाख दौरे पर रहेंगे। लेह-लद्दाख दौरे के दौरान गृहमंत्री अमित शाह यहां के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते है।
इस पर इंडियन एक्सप्रेस/जनसत्ता ने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) से बातचीत की है। ये वही शख्स हैं जिन्हें एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था। पिछले महीने उन्हें जेल से रिहा करके उन पर लगे एनएसए हटा दिया गया। बातचीत के दौरान मीडिया ने जब उनसे पूछा कि भरोसा बहाल करने वाले कदम क्या हैं जिनकी उम्मीद लद्दाख केंद्र सरकार से करता है जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यात्रा से पहले पेश किया जाना चाहिए।
आपराधिक मामले हो वापस- वांगचुक
इस पर सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने कहा कि एपेक्स बॉडी के नेताओं ने केंद्र से आग्रह किया है कि 83 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामलों में दर्ज केस वापस लिया जाए, जिन्हें अलग-अलग धाराओं के तहत गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। इनमें से कुछ आध्यात्मिक, धार्मिक कार्यकर्ता और नेता थे और कुछ राहगीर थे जो हिंसा रोकने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में मुझे आरोपी बनाया गया।
हालांकि, केंद्र ने मेरे खिलाफ एनएसए के तहत दर्ज मामले को सद्भावना के रूप में वापस ले लिया। वांगचुक ने कहा कि हमें उम्मीद है कि ऐसा ही कदम इन लोगों के लिए भी उठाया जाएगा।
सद्भावना के रूप में हटाया गया NSA
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने आगे कहा कि मुझे पता है कि मेरे केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही एनएसए वापस ले लिया गया था। लेकिन हम मेरा मानना है कि इसे सद्भावना के रूप में हटाया गया। इसलिए हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि उन 83 लोगों के लिए भी केंद्र सरकार द्वारा ऐसा ही रुख अपनाया जाए। हमारे ही नागरिकों पर असली गोलियां चलाई गईं, कुछ को सिर में, कुछ को सीने में गोली लगी। भरोसा तभी बनेगा जब मामले वापस लिए जाएं और यह कदम सार्थक संवाद का रास्ता खोले।
क्या है पूरा मामला?
पिछले साल लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। सितंबर 2025 में प्रदर्शन के दौरान लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को विरोध प्रदर्शन में भीड़ भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर एनएसए भी लगाया गया था। इसके तहत वांगचुक को जोधपुर जेल में 170 दिनों तक रखा गया था। पिछले महीने मार्च में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। इसके पहले केंद्र सरकार ने उनपर से सद्भावना के रूप में NSA हटाकर उन्हें रिहा कर दिया। है।

