Surya Grahan Time Today: आज साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। इस ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:26 बजे और समापन शाम 7: 57 बजे होगा। ज्योतिषयों के अनुसार, आज मंगलवार फाल्गुन अमावस्या को लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।
इसलिए इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा। ग्रहण के दौरान ‘रिंग ऑफ फायर’ का अनोखा दृश्य बनेगा, जो भारत से नहीं दिखेगा।
कहां-कहां दिखेगा यह ग्रहण
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह सूर्य ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
पूजा-पाठ, श्राद्ध और अन्य धार्मिक
भारत में लोग आज पूजा-पाठ, श्राद्ध और अन्य धार्मिक कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं, क्योंकि ग्रहण का प्रभाव यहां प्रत्यक्ष रूप से नहीं पड़ेगा।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?
- मंत्रोच्चार, नाम जप और ध्यान करना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
- भोजन को दूषित होने से बचाने के लिए ग्रहण से पहले खाने में तुलसी का पत्ता रखें।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें?
- गर्भवती महिलाओं को सुई-धागा, कैंची, या तेज उपकरणों का उपयोग नहीं करना चाहिए
- भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें।
- कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचें।
किस राशि और नक्षत्र में लगेगा सूर्य ग्रहण?
यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ग्रहण के दौरान कर्क लग्न उदित रहेगा और कई ग्रह अष्टम भाव में एकत्रित होंगे, जिसे शुभ नहीं माना जाता।
ज्योतिषियों का अनुमान है कि इसका सीधा प्रभाव पश्चिमी देशों पर दिखाई दे सकता है। वहां अत्यधिक वर्षा, तूफान या प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति बन सकती है।
साल का पहला सूर्य ग्रहण कर्क राशि के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण अष्टम भाव में बन रहा है, जिससे घर-परिवार और रिश्तों में हल्का तनाव आ सकता है। बातचीत में विनम्रता रखें और जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करें।
सेहत को लेकर सतर्क रहें और खान-पान पर ध्यान दें। वाहन चलाते समय लापरवाही न करें।
मंगल की स्थिति सहयोगी है, इसलिए मंगलवार को "ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्र का 108 बार जप करना शुभ माना गया है।

