Future Of India In AI Ashwini Vaishnaw: भारत अब तकनीक की दुनिया में नया इतिहास लिखने की तैयारी में है। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे “पांचवीं औद्योगिक क्रांति” की शुरुआत बताया, जो देश की अर्थव्यवस्था और समाज के हर क्षेत्र को प्रभावित करेगी।
70,000 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी और वैश्विक नेताओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब AI के वैश्विक मानचित्र पर अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
200 अरब डॉलर का निवेश: AI बनेगा नया विकास इंजन
समिट की सबसे बड़ी घोषणा अगले दो वर्षों में 200 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की रही। यह निवेश AI इकोसिस्टम की पांच प्रमुख परतों में होगा:
- इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा: डेटा सेंटर और स्वच्छ ऊर्जा में बड़े पैमाने पर निवेश। भारत की 51% बिजली पहले ही क्लीन एनर्जी से आ रही है।
- डीप टेक स्टार्टअप्स: वेंचर कैपिटलिस्ट्स ने लगभग 17 अरब डॉलर डीप टेक और AI एप्लिकेशन के लिए प्रतिबद्ध किए हैं।
- कंप्यूटिंग पावर: सरकार 38,000 GPU के साथ 20,000 नए GPU जोड़कर स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स को सशक्त बना रही है।
यह निवेश युवाओं, इंजीनियरों और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
‘Sovereign AI’ और AI मिशन 2.0: आत्मनिर्भर डिजिटल भारत
भारत अब ‘Sovereign AI’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे देश अपने डेटा और तकनीकी संसाधनों पर खुद नियंत्रण रख सके। इसी क्रम में इंडिया AI मिशन 2.0 लॉन्च किया जा रहा है, जिसका फोकस होगा:
- रिसर्च और डेवलपमेंट में नवाचार
- AI को आम जनता तक पहुंचाना, ठीक DPI मॉडल की तरह
- दुनिया को “trusted solutions” का पैकेज देना, जैसा UPI ने किया
जिम्मेदार AI: नवाचार के साथ सख्त नियम
- सरकार ‘techno-legal approach’ के जरिए AI को नियंत्रित करने की तैयारी में है।
- Deepfakes पर सख्ती: समाज और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम।
- कंटेंट क्रिएटर अधिकार: AI मॉडल ट्रेनिंग में उपयोग हो रहे कंटेंट के लिए उचित पारिश्रमिक।
- Age-Based Regulation: DPDP Act की तर्ज पर आयु-आधारित नियम।
नौकरियों को लेकर चिंता नहीं, अवसरों पर फोकस
AI से नौकरी जाने की आशंका के बीच सरकार तीन स्तर पर काम कर रही है मौजूदा कर्मचारियों का रिस्किलिंग, नई प्रतिभा तैयार करना और भविष्य की पीढ़ी को AI-रेडी बनाना। 100 से अधिक कॉलेज IT इंडस्ट्री के साथ मिलकर पाठ्यक्रम अपडेट कर रहे हैं।
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उपभोक्ता नहीं, निर्माता बनेगा भारत
AI मिशन 2.0 और भारी निवेश के साथ भारत केवल AI का उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि उसका निर्माता बनने की दिशा में बढ़ रहा है। लक्ष्य साफ है तकनीक को लोकतांत्रिक बनाना, आत्मनिर्भर इकोसिस्टम तैयार करना और दुनिया को भरोसेमंद डिजिटल समाधान देना।

