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Ajit Doval: भारत के दुश्मनों की होने वाली है नींद हराम! डोभाल की कुंडली में जाग रहा है ये खतरनाक योग

Ajit Doval: भारत के दुश्मनों की होने वाली है नींद हराम! डोभाल की कुंडली में जाग रहा है ये खतरनाक योग

नवभारत 4 months ago

Ajit Doval Horoscope: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की शख्सियत जितनी रहस्यमयी है उनकी कुंडली उतनी ही प्रभावशाली है। 20 जनवरी 1945 को पौड़ी गढ़वाल में जन्मे डोभाल की कुंडली कन्या लग्न की है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार उनकी प्रखर भाषा और सटीक रणनीति के पीछे बुध और गुरु के शुभ योगों का बड़ा हाथ है। साल 2026 उनकी कार्यशैली और देश की सुरक्षा के लिहाज से एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है।

कुंडली में गजकेसरी योग का प्रताप

अजीत डोभाल की कुंडली में चंद्रमा और गुरु की स्थिति गजकेसरी योग का निर्माण करती है। यही कारण है कि वे जिस भी संस्थान या मिशन पर कार्य करते हैं वहां उनका प्रभाव सिंह की तरह रहता है। गुरु की लग्न में उपस्थिति और सूर्य पर उसकी पांचवीं दृष्टि ने उन्हें एक स्थिर स्वभाव और उच्च पद-प्रतिष्ठा प्रदान की है। उनकी कुंडली के दशम भाव में शनि और राहु की युति राजयोग का निर्माण करती है जो उन्हें सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों का अटूट विश्वास दिलाती है।

शनि की साढ़ेसाती और स्वास्थ्य चुनौतियां

साल 2026 की शुरुआत अजीत डोभाल के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकती है। शनि की साढ़ेसाती अपने शिखर पर होगी, जिसके कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक थकान का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली में बुध, मंगल और केतु की युति चौथे भाव में होने के कारण उन्हें नसों जोड़ों के दर्द और फेफड़ों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सावधान रहना होगा। मई 2026 तक का समय मिला-जुला रहेगा जहां काम का बोझ उनकी सेहत पर हावी हो सकता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)

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मई 2026: गुरु की महादशा का स्वर्णिम काल

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा जी के अनुसार 07 मई 2026 को राहु की महादशा समाप्त होगी और 08 मई 2026 से गुरु की महादशा का आरंभ होगा। यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट होगा। गुरु की महादशा शुरू होते ही उनकी कार्यप्रणाली और भी मजबूत होगी। वे भारत की सुरक्षा के लिए कुछ ऐसे साहसी निर्णय लेंगे जो पूरी दुनिया को हैरान कर सकते हैं। विदेशी कूटनीति के मोर्चे पर डोभाल का प्रभाव पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली होकर उभरेगा।

सुरक्षा और कूटनीति में मास्टरस्ट्रोक

साल 2026 के उत्तरार्ध में विशेषकर जुलाई के बाद अजीत डोभाल देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार करेंगे। वे Gen-Z यानी आज के युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक लीडर के रूप में उभरेंगे। प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने का उनका साहस बढ़ेगा और वे सत्ताधारी दल के साथ मिलकर भारत की रक्षा पंक्ति को अभेद्य बनाएंगे। विदेशी दुश्मनों को उनकी भाषा में जवाब देने की उनकी नीति भारत को वैश्विक मंच पर एक नई शक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: NavaBharat