Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
अंबाझरी के बाद अब सक्करदरा तालाब की बारी, भोसले की ऐतिहासिक विरासत को संजोने की पहल, कब लौटेगी पुरानी रौनक?

अंबाझरी के बाद अब सक्करदरा तालाब की बारी, भोसले की ऐतिहासिक विरासत को संजोने की पहल, कब लौटेगी पुरानी रौनक?

Sakkardara Garden Renovation: नागपुर के तालाबों को नया जीवन देने की चर्चा के बीच अब सक्करदरा तालाब भी शहर के विकास के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है। करीब 4 हेक्टेयर में फैला यह ऐतिहासिक तालाब लंबे समय तक अपने अस्तित्व के संकट से जूझता रहा, लेकिन सफाई और पुनरुद्धार के प्रयासों के बाद अब यहां फिर से पानी नजर आने लगा है।

इसके साथ ही तालाब परिसर के सौंदर्याकरण का काम भी जारी है।

अंबाझरी तालाब में जलपर्णी हटाने और वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मनपा की कवायद ने शहर के दूसरे तालाबों के विकास की उम्मीद भी बढ़ाई है। इसी कड़ी में सक्करदरा तालाब को केवल जलस्रोत के रूप में नहीं, बल्कि पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की मांग तेज हो रही है।

कभी सूखने की कगार पर था तालाब

सक्करदरा तालाब का अस्तित्व कई वर्षों तक संकट में रहा। पानी की मात्रा लगातार घटने के कारण तालाब का क्षेत्र सिकुड़ने लगा था। कई हिस्सों में झाड़ियां उग आई थीं और गंदगी भी जमा होने लगी थी।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयासों के बाद तालाब की सफाई और पुनरुद्धार की दिशा में काम शुरू हुआ। प्रन्यास के माध्यम से किए गए प्रयासों के बाद बारिश का पानी जमा होने लगा है, जिससे तालाब की तस्वीर में कुछ बदलाव दिखाई देने लगा है।

हालांकि, अभी भी कुछ हिस्सों में गंदगी और रखरखाव की कमी नजर आती है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर इसके संरक्षण और नियमित देखभाल की मांग बनी हुई है।

मूर्ति विसर्जन रोकने की व्यवस्था

तालाब के पर्यावरण को बचाने के लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर कुछ कदम भी उठाए गए हैं। गणेशोत्सव और दुर्गोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन रोकने के लिए तालाब के आसपास टीन की वैरिकेडिंग की जाती है।

करीब दो साल पहले स्थानीय बस्ती के लोगों की सुविधा और मछली पकड़ने के लिए अलग दीवार का निर्माण भी किया गया था। इन प्रयासों का उद्देश्य तालाब में होने वाले प्रदूषण को कम करना और परिसर को सुरक्षित रखना है।

गार्डन से बढ़ेगा आकर्षण

तालाब परिसर में एक छोटा मंदिर और नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का गार्डन भी है। स्थानीय लोगों के लिए यह पहले से आकर्षण का केंद्र रहा है। जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद यह गार्डन प्रन्यास की ओर से मनपा को हस्तांतरित किया गया है।

हाल ही में महापौर और नागपुर मनपा आयुक्त ने गार्डन का निरीक्षण किया। इसके बाद इसके कायाकल्प की दिशा में कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

सिर्फ तालाब नहीं, पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी

फिलहाल तालाब परिसर में सौंदर्याकरण और विकास कार्य जारी हैं। सुरक्षा दीवार का काम भी किया गया है। यदि तालाब, गार्डन और आसपास के परिसर का विकास योजनाबद्ध तरीके से होता है तो सक्करदरा शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।

अब जरूरत इस बात की है कि ऐतिहासिक महत्व वाले इस तालाब का विकास केवल सौंदर्याकरण तक सीमित न रहे, बल्कि जल संरक्षण के साथ पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी स्थायी योजना तैयार हो। तभी सक्करदरा तालाब अपनी खोई हुई पुरानी रौनक पूरी तरह वापस पा सकेगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: NavaBharat