Lenskart Bindi Tilak Controversy: आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट अक्सर अपने प्रोडक्ट और ऑफर को लेकर लोगों के बीच चर्चा में रहता है। लेकिन अबकी बार यह अपने प्रोडक्ट या ऑफर के लिए नहीं, बल्कि कर्मचारियों के ड्रेसकोड को लेकर जारी गाइडलाइन से विवाद में है।
दरअसल, लेंसकार्ट में बिंदी और तिलक की मनाही और हिजाब की अनुमति दी गई थी। इस पर सोशल मीडिया में कंपनी का तेजी से विरोध बढ़ने लगा। मामला बढ़ने पर कंपनी ने एक्स हैंडल पर सफाई दी है।
लेंसकार्ट की सफाई
विवाद पर सफाई देते हुए लेंसकार्ट ने अपने एक्स हैंडल पर एक लंबा-चौड़ा ट्वीट करते हुए कहा कि हमने साफ और खुले तौर पर आपकी बात सुनी। पिछले कुछ दिनों में हमारे ग्राहकों ने अपनी राय रखी है, जिसे हमने सुना भी। हम आज अपनी इन-स्टोर स्टाइल गाइडलाइन को स्टैंडर्डाइज करके इसे पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक कर रहे हैं। गाइडलाइंस में हमारी टीम के सदस्यों द्वारा पहने जाने वाले आस्था और संस्कृति के हर प्रतीक जैसे कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी आदि का बिना किसी शर्त के स्वागत है। इन्हें अपवाद के तौर पर नहीं, बल्कि हमारी पहचान के अभिन्न अंग के तौर पर स्वीकार किया जाता है।
कंपनी ने आगे कहा कि लेंसकार्ट भारत में भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बनाया गया है। हमारे 2400 से अधिक स्टोर ऐसे लोगों द्वारा चलाए जाते हैं जो हर दिन अपनी आस्था, अपनी परंपराएं और अपनी पहचान के साथ काम पर आते हैं। ऐसी किसी भी चीज को हम कभी भी किसी से दरवाजे पर छोड़ने के लिए नहीं कहेंगे। अगर हमारे काम करने की जगह पर किसी भी तरह की बातचीत से किसी को ठेस पहुंची है या टीम के किसी सदस्य को महसूस हुआ कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं हुआ तो हमे इसका दुख है। कंपनी में ऐसा बिल्कुल नहीं है और न ही कभी ऐसा होगा।
दिशानिर्देश निष्पक्षता से होगा लागू
आज हम विश्वास दिलाते हैं कि प्रकाशित दस्तावेज में हर नीति, ट्रेनिंग सामग्री और लेंसकार्ट कंपनी के नाम से होने वाला हर एक संवाद इन मूल्यों को दर्शाएगा। हम इन दिशानिर्देशों को निष्पक्ष रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा और उसमें लगातार सुधार करते रहेंगे। इसे और बेहतर करेंगे। साथ ही आपका भरोसा जीतना जारी रखेंगे।
यहां से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरूआत लेंसकार्ट के द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए जारी ड्रेसकोड से हुई। इसमें कहा गया था कि यदि हिंदू महिलाएं सिंदूर लगा रही हैं तो कम मात्रा में लगाकर आना चाहिए। साथ ही तिलक, कलावा और बिंदी लगाने की मनाही थी। जबकि हिजाब और पगड़ी पहनने की इजाजत दी गई थी।

