Mumbai News In Hindi: 56 वर्षीय बीएसटी इलेक्ट्रीशियन नितिन कामटेकर को 10 जनवरी को एक संदेश मिला, जिसमें फर्जी RTO ई-चालान लिंक था। अनजाने में उन्होंने इस लिंक पर क्लिक कर एक दुर्भावनापूर्ण (मालवेयर वाली) APK फाइल इंस्टॉल कर ली।
क्या हुआ लिंक क्लिक करते ही?
फाइल इंस्टॉल होते ही नितिन को आरटीओ अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करने वाले लोगों से धमकी भरे कॉल आने शुरू हो गए। इसके तुरंत बाद उनके मोबाइल पर संदिग्ध OTP संदेश आने लगे।
बैंकिंग खाते से कितना नुकसान हुआ?
अगले दिन, उनके बैंकिंग यूजर आईडी बदल दी गई और महज कुछ ही मिनटों में चार लेन-देन करके उनका बैंक खाता पूरी तरह खाली कर दिया गया। कुल नुकसान ₹4.16 लाख का बताया गया है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
कामटेकर ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन को सूचित किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया।
विशेषज्ञों की चेतावनी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, OTP किसी के साथ साझा न करने और बैंकिंग ऐप केवल आधिकारिक स्रोत से डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।
किस प्रकार की सुरक्षा अपनाई जाए?
बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए मोबाइल और कंप्यूटर पर एंटीवायरस अपडेट रखना आवश्यक है। फर्जी ई-चालान या सरकारी लिंक के बारे में संदेह होने पर सीधे संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।

