Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
International Labor Day:आख़िर 1 मई को ही क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस? जानिए इसकी वजह

International Labor Day:आख़िर 1 मई को ही क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस? जानिए इसकी वजह

नवभारत 1 month ago

International Labor Day Reason: आज अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 1 मई को भारत समेत दुनिया के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। भारत में मजदूर दिवस को श्रमिक दिवस, लेबर डे, मई दिवस, कामगार दिन, इंटरनेशनल वर्कर डे, वर्कर डे के नाम से भी जाना जाता है।

  • मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित ‘मजदूर दिवस’

जानकारों के अनुसार,यह दिन दुनिया के मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित है। दुनिया के कई देशों में 1 मई के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। भारत में भी कई राज्य सरकारें अपने यहां अवकाश घोषित करती हैं। यह दिन मजदूरों व श्रमिक वर्ग की उपलब्धियों को और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को सलाम करने का दिन है।

  • मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना

इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके द्वारा किये गए योगदान को याद करना है। यह दिन मजदूरों को संगठित कर आपसी एकता मजबूत करने के लिए और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी है। यही वजह है कि बहुत सारे श्रमिक संगठन आज के दिन रैलियां निकालते हैं, सम्मेलन, सभाएं व कई तरह के कार्यक्रम करते हैं

  • क्यों हुई थी मजूदर दिवस की शुरुआत?

इतिहासकारों के अनुसार, मजदूर दिवस की शुरुआत मुख्य रूप से 19वीं सदी में मजदूरों के शोषण के खिलाफ और काम के घंटे 8 घंटे करने की मांग को लेकर हुई थी। 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने हड़ताल की, जिस पर पुलिस ने गोली चलाई (हेमार्केट अफेयर)। इसी संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए, 1889 में इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजदूर दिवस घोषित किया गया।

कब हुई भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। इसे एम. सिंगारवेलु चेट्टियार ने आयोजित किया था। उस समय से यह दिन भारत में भी श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों की जागरूकता के लिए मनाया जाता है।

मजदूर दिवस का महत्व

यह दिन हमें याद दिलाता है कि श्रमिक समाज की रीढ़ होते हैं। मजदूर दिवस के जरिए उनके अधिकारों, बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और उचित वेतन की जरूरत को उजागर किया जाता है। यह दिन सामाजिक न्याय और समानता का संदेश भी देता है।

आज के समय में इसकी प्रासंगिकता

आज भी कई जगह मजदूरों को उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिलतीं। ऐसे में मजदूर दिवस सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि एक जागरूकता अभियान है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान करें और उनके लिए बेहतर भविष्य की दिशा में काम करें।

-Mothers Day: क्यों बदल गई 2026 में Mother's Day की तारीख? जानिए कब मनाया जाएगा और इसका इतिहास भी

क्या है 8 घंटे का महत्त्व

मजदूरों के जीवन को 8 घंटे के नियम में बांटा गया है। इसमें 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और मनरोंजन व 8 घंटे की नींद जरूरी है। यही वजह है कि किसी भी कंपनी में 8 घंटे ही काम का प्रावधान किया गया है।

इतिहासकारों के अनुसार, मजदूर दिवस की शुरुआत मुख्य रूप से 19वीं सदी में मजदूरों के शोषण के खिलाफ और काम के घंटे 8 घंटे करने की मांग को लेकर हुई थी। 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने हड़ताल की, जिस पर पुलिस ने गोली चलाई (हेमार्केट अफेयर)। इसी संघर्ष और बलिदानको याद करते हुए, 1889 में इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजदूर दिवस घोषित किया गया।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: NavaBharat