Iraq Oil Heavy Discount To India: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस तनाव की वजह से मध्य-पूर्व के कई देश अपना तेल बेचने में भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
ऐसे मुश्किल समय में इराक ने भारत समेत अपने सभी बड़े खरीदारों को तेल की कीमतों में भारी छूट देने का एक बड़ा ऐलान किया है। लेकिन इस आकर्षक ऑफर के साथ इराक ने एक ऐसी कठिन शर्त भी रख दी है जिसे पूरा करना बहुत ही जोखिम भरा साबित हो सकता है।
इराक का यह सस्ता तेल खरीदने के लिए जहाजों को फारस की खाड़ी के अंदर स्थित टर्मिनलों से ही तेल उठाना बहुत जरूरी होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि तेल ले जाने वाले जहाजों को खतरनाक होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होकर ही गुजरना पड़ेगा। फरवरी के अंत में संघर्ष बढ़ने के बाद से इस समुद्री रास्ते से गुजरना जहाजों और उनके क्रू के लिए काफी जानलेवा हो गया है। इसीलिए यह भारी छूट का ऑफर होने के बावजूद भारत के लिए इराक से तेल खरीदना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।
इराक की तेल कंपनी ने दिया भारी छूट का ऑफर
इराक की सरकारी तेल कंपनी ने तीन मई को जारी एक डॉक्यूमेंट में बसरा मीडियम पर 33.40 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट दी है। एक से दस मई के बीच तेल लोड करने पर यह छूट मिलेगी और महीने के बाकी दिनों में यह 26 डॉलर होगी। वहीं बसरा हेवी कच्चे तेल को भी उसकी आधिकारिक कीमत से 30 डॉलर प्रति बैरल कम पर ऑफर किया जा रहा है।
जहाजों की ट्रैकिंग से मिले आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल दो टैंकरों ने कच्चा तेल लोड किया है। जबकि सामान्य परिस्थितियों में इसी बसरा बंदरगाह से हर महीने लगभग 80 टैंकरों में भारी मात्रा में तेल लोड होता है। अप्रैल में यह रुकावट इसलिए आई क्योंकि खाली जहाजों को होर्मुज के रास्ते खाड़ी में प्रवेश करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भारत और इराक का व्यापार
भारत हमेशा से इराक से बहुत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता रहा है और इराक भारत का एक प्रमुख सप्लायर रहा है। साल 2024 में भारत ने इराक से 28 से 29 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा था जो एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। हालांकि अप्रैल 2026 में होर्मुज स्ट्रेट की भयंकर नाकेबंदी के बाद से इराक से भारत का तेल आयात लगभग शून्य हो गया है। जब रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध कड़े हुए तो भारत ने इराक से अपनी तेल खरीद काफी ज्यादा बढ़ा दी थी। फरवरी महीने में इराक से भारत में 11.8 लाख बैरल तेल प्रतिदिन आया जिससे इराक शीर्ष सप्लायर बन गया था।
इराक का शर्तों के साथ तेल का सौदा
इराक ने अपने इस नए सस्ते ऑफर में खरीदारों के लिए एक बहुत ही सख्त नियम भी लागू कर दिया है। अगर कोई देश मई वाली कीमतों पर तेल खरीदने के लिए मान जाता है तो वह बाद में डील से पीछे नहीं हट सकता। इराक का स्पष्ट कहना है कि यह खास ऑफर पहले से ही खराब हालात को ध्यान में रखकर दिया जा रहा है।

