Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
लाखों दो, अफसर बनो! चंद्रपुर पुलिस की नागपुर में सर्जिकल स्ट्राइक, फर्जी डिग्री रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

लाखों दो, अफसर बनो! चंद्रपुर पुलिस की नागपुर में सर्जिकल स्ट्राइक, फर्जी डिग्री रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Government Job Fake Certificate Scam: नामी विश्वविद्यालयों के नाम पर कथित तौर पर फर्जी डिग्री, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बेचने के मामले में दुर्गापुर पुलिस ने कार्रवाई की है।

पुलिस ने शुक्रवार सुबह नागपुर स्थित एक मकान से मामले के कथित मास्टरमाइंड परिमल गौरकर और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।

पुलिस जांच के अनुसार, फर्जी डिग्री और मार्कशीट के लिए कथित तौर पर 5 से 10 लाख रुपए तक वसूले जाते थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल खास तौर पर सरकारी नौकरी हासिल करने और पदोन्नति के लिए किया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की पूरी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

पहले एक आरोपी हो चुका है गिरफ्तार

इस मामले में चंद्रपुर निवासी वैभव सोनुले को पहले गिरफ्तार किया गया था। अब परिमल गौरकर और उसके साथी की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या तीन हो गई है।

पुलिस के अनुसार परिमल गौरकर और वैभव सोनुले आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस गौरकर को इस मामले का कथित मास्टरमाइंड मान रही है। ऐसे में उसकी पूछताछ से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने वालों, उन्हें खरीदने वालों, मध्यस्थों और कथित तौर पर इन दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वालों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है

कई विश्वविद्यालयों के नाम इस्तेमाल करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, परिमल गौरकर पर राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय और गोंडवाना विश्वविद्यालय के अलावा कोल्हापुर, सोलापुर तथा राजस्थान और कर्नाटक के विभिन्न विश्वविद्यालयों के नाम से फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार करने का आरोप है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने से लेकर उन्हें संबंधित लोगों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया कैसे संचालित होती थी।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

चंद्रपुर निवासी वैभव माशीरकर ने इस मामले में दुर्गापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस निरीक्षक संतोष शेगावकर और पुलिस उपनिरीक्षक रवींद्र नक्कनवार ने जांच शुरू की।

पुलिस ने तकनीकी जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस कथित फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दस्तावेजों के संभावित इस्तेमाल की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: NavaBharat