Jabalpur Bargi Dam Boat Accident Rescue: मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज़ बोट हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। गुरुवार शाम (30 अप्रैल) को बरगी बांध में अचानक एक टूरिस्ट क्रूज़ बोट पलट गई।
इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। क्रूज़ में 40 लोग सवार थे। इनमें से 15 लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
इस दौरान एनडीआरएफ ने 9 लोगों के शव बरामद किए, कई लापता लोगों की तलाशी जारी है। आगरा से आई गोताखोरों की टीम लगातार क्रूज के नीचे से लाशें निकाल रही है। चौथी बार में मां बेटे की लाश निकाली गई। इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद सभी की आंखे नम हो गई। एक मां ने बेटे को सीने से लगाकर रखा था।
रेस्क्यू करने वाले गोताखोर ने बताया कि मां की पकड़ इतनी मजबूत थी कि दोनों को एक साथ क्रूज की ग्रिल से निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। शव देख महिला और बच्चे के पिता एवं बहन शव देखकर बेहोश हो गए। कल शाम पति पत्नी अपने बेटे और बेटी के साथ क्रूज में घूमने आए थे।
मां-बेटे का शव एक ही लाइफ जैकेट में बांधकर निकाला
जबलपुर में बरगी बांध के जलाशय से, कल रात एक क्रूज़ बोट के पलटने के बाद, एक महिला और उसके बच्चे के शव बरामद किए गए। दोनों को एक ही लाइफ़ जैकेट में एक साथ बांधा गया था। इस घटना में नौ लोगों की जान चली गई।
राज्य मंत्री ने बचाव कार्य का लिया जायजा
राज्य मंत्री राकेश सिंह ने बचाव कार्यों का जायज़ा लिया। इस घटना में नौ लोगों की जान चली गई है। राज्य मंत्री राकेश सिंह ने कहा, अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। 22 लोगों को जीवित बचाया गया है। स्थिति बहुत कठिन है; चुनौतियां हैं, इसलिए केवल विशेषज्ञ टीमें ही बचाव कार्य कर सकती हैं।
राज्य मंत्री राकेश सिंह ने कहा, NDRF ने दो और शव बरामद किए हैं। कुछ ही देर में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। बचाव अभियान समाप्त होने के बाद यह साफ हो जाएगा कि लाइफ़ जैकेट पहने होने के बावजूद लोगों को क्यों नहीं बचाया जा सका।
होम गार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने दी जानकारी
जबलपुर बरगी बांध क्रूज़ बोट हादसे पर होम गार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, कल शाम लगभग 6:30 बजे, हमें CSP बरगी और पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि बरगी बांध में एक क्रूज़ डूब रहा है। सूचना मिलते ही, SDRF और होम गार्ड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। जब तक हम वहां पहुंचे, तब तक अंधेरा हो चुका था और बारिश का मौसम था। हमने रात भर तलाशी अभियान चलाया और क्रूज़ को किनारे की ओर खींचने की कोशिश की।
होम गार्ड कमांडेंट ने आगे बताया, कि सुबह जब हालात बेहतर हुए, तो हमने सेना और NDRF की टीमों के साथ मिलकर डीप डाइविंग का काम शुरू किया। भारी बारिश, तेज़ हवाओं और रात के अंधेरे की वजह से उस समय डीप डाइविंग मुमकिन नहीं थी। मौके पर लगभग 60-70 जवान तैनात थे, जिनमें डीप डाइवर्स भी शामिल थे। हमारे पास मोटरबोट और तलाशी व बचाव के लिए ज़रूरी सभी उपकरण मौजूद थे, जिनका हमने इस अभियान में इस्तेमाल किया। अब तक कुल नौ शव बरामद किए जा चुके हैं। जब हम मौके पर पहुंचे, तो वहां बहुत अंधेरा था, और चूंकि वह इलाका पथरीला है, इसलिए हमारे काम में काफ़ी मुश्किलें आईं।

