Separate Vidarbha Protest On Maharashtra Day: महाराष्ट्र में राज्य स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस बीच नागपुर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। अलग विदर्भ राज्य की मांग को लेकर कई युवा सड़क पर उतरे और जबरदस्त हंगामा किया। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
नागपुर में प्रदर्शनकारियों ने लहराए काले झंडे
अलग विदर्भ राज्य की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार सुबह नागपुर के संविधान चौक पर हंगामा खड़ा कर दिया। काले झंडे लहराते हुए और काले गुब्बारे छोड़ते हुए उन्होंने 'महाराष्ट्र दिवस' के विरोध में प्रदर्शन किया। अचानक अलग-अलग दिशाओं से प्रदर्शनकारी संविधान चौक पर जमा हो गए और अपने साथ लाए काले झंडे लहराने लगे। इसी बीच, कुछ कार्यकर्ताओं ने हवा में काले गुब्बारे छोड़ दिए।
इस अचानक हुए प्रदर्शन के कारण स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, गाड़ियों में बिठाया और उन्हें घटनास्थल से दूर ले गई।
लंबे समय से उठ रही अलग विदर्भ की मांग
बता दें कि महाराष्ट्र के भीतर एक अलग विदर्भ राज्य बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। गौरतलब है कि एक लंबे आंदोलन के बाद, 1960 में ठीक इसी दिन बॉम्बे राज्य को विभाजित करके महाराष्ट्र का नया राज्य बनाया गया था। महाराष्ट्र के अलावा बॉम्बे राज्य से गुजरात राज्य भी अलग करके बनाया गया था। दोनों ही तरफ के लोगों ने भाषाई आधार पर गुजरात और महाराष्ट्र के लिए अलग राज्यों की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किए थे। कुछ मामलों में, यह आंदोलन हिंसक भी हो गया था।
अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों की बढ़ती गति को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम तैयार करने का निर्णय लिया था। संसद में विधेयक प्रस्तुत होने के बाद यह कानून बन गया। 1 मई, 1960 को यह कानून लागू हुआ और गुजरात व महाराष्ट्र को बॉम्बे राज्य से अलग कर दिया गया। तब से, 1 मई को गुजरात और महाराष्ट्र स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, विदर्भ क्षेत्र खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।

