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महाराष्ट्र कैबिनेट के फैसले: भूसंपादन मुआवजे में देरी पर मिलेगा ज्यादा ब्याज, स्टाम्प ड्यूटी में छूट मंजूर

महाराष्ट्र कैबिनेट के फैसले: भूसंपादन मुआवजे में देरी पर मिलेगा ज्यादा ब्याज, स्टाम्प ड्यूटी में छूट मंजूर

नवभारत 2 months ago

Maharashtra Cabinet Decisions Devendra Fadnavis: भूसंपादन का मुआवजा मिलने में देरी होने पर अब प्रभावित लोगों को अधिक ब्याज मिलेगा। मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भूसंपादन, पुनर्वसन और पुनर्स्थापना से जुड़े कानून में बदलाव को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि देरी से मिलने वाले मुआवजे पर ब्याज दर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों को दिए जाने वाले कर्ज की दर से एक प्रतिशत अधिक होगी।

सरकार विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए जमीन का कई बार अवार्ड तय होने से पहले ही कब्जा ले लेती है। ऐसी स्थिति में प्रभावित जमीन मालिक को मुआवजा मिलने में देरी होती है। इसे देखते हुए भूसंपादन, पुनर्वसन और पुनर्स्थापना में उचित मुआवजा और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 72 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट के अन्य फैसले

भूमि के हस्तांतरण शुल्क पर 25% की छूट: नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए गठित की जा रही कंपनियों के समूहों या विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के बीच आंतरिक भूमि हस्तांतरण लेन-देन पर स्टांप शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए खरीदी गई भूमि के हस्तांतरण शुल्क पर 25% की छूट दी जाएगी।

कृषि विभाग में 4 पदों का सृजन: राज्य कृषि विभाग में कृषि निदेशक और संयुक्त निदेशक सहित चार पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई।

शक्कर कारखानों के लिए कर्ज को मंजूरी: लातूर के किलारी स्थित श्री नीलकंठेश्वर शेतकरी सहकारी चीनी कारखाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से पूंजीगत व्यय और कार्यशील पूंजी के लिए ऋण लेने की मंजूरी दे दी गई है।

निजी कौशल विवि की स्थापना के नियमों में बदलाव: स्व-वित्तपोषण के आधार पर निजी कौशल विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में परिवर्तन। दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी।

कॉलेजों में खुलेंगे नए संकाय: वरिष्ठ महाविद्यालयों में समाज कार्य जैसे अलग संकाय, नए पाठ्यक्रम और अतिरिक्त इकाइयां शुरू की जा सकती हैं। समाज कार्य महाविद्यालयों में स्थायी गैर-अनुदान आधार पर नए पाठ्यक्रम और अतिरिक्त इकाइयां शुरू की जा सकती है।

न्यायिक अधिकरियों, कर्मचारियों के नए पदों को मंजूरी: नांदेड़ के हादगांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय और सरकारी अभियोजक कार्यालय की स्थापना की जाएगी।

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