Mukesh Ambani Success Story: आज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी का जन्मदिन है। 19 अप्रैल 1957 को जन्मे मुकेश अंबानी शुक्रवार को 68 साल के हो गए हैं और उनका जन्म यमन में हुआ था।
इस खास मौके पर हर कोई मुकेश अंबानी की सफलता की कहानी जानना चाहता है कि उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने भारत में ऐसा कारोबारी साम्राज्य स्थापित किया जिसका पूरी दुनिया में डंका है।
मुकेश अंबानी का शुरुआती जीवन
रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी एडमिशन लिया था लेकिन अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। साल 1981 में उन्होंने अपने पिता धीरूभाई अंबानी के साथ मिलकर रिलायंस ग्रुप के कारोबार में अपनी एंट्री ली थी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का तेजी से विस्तार
पिता के कंधे से कंधा मिलाकर चलते हुए मुकेश अंबानी ने पेट्रोलियम के अलावा टेलीकॉम सेक्टर में भी अपने कदम रखे। साल 1985 में कंपनी का नाम रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड से बदलकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर दिया गया था। छह जुलाई 2002 को धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की पूरी कमान अपने हाथ में ली।
पिता के निधन के बाद बंटवारा
पिता का निधन होते ही अंबानी फैमिली में संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया और नौबत बंटवारे तक पहुंच गई। बंटवारे में रिलायंस ग्रुप के ज्यादातर नए बिजनेस उनके छोटे भाई अनिल अंबानी को पूरी तरह सौंपे गए थे। वहीं Mukesh Ambani को पुराने कारोबार से संतोष करना पड़ा था और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड उनके पास आ गई।
मेहनत से फर्श से अर्श तक का सफर
साल 2002 में जब Mukesh Ambani ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान संभाली थी तब इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन महज 75,000 करोड़ रुपये था। इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से रिलायंस को देश की सबसे बड़ी कंपनी बना दिया है। आज रिलायंस का मार्केट कैप 19.79 लाख करोड़ रुपये है और यह 20 लाख करोड़ का भी आंकड़ा पार कर चुकी है।
एशिया के सबसे अमीर इंसान
ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक 112 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ Mukesh Ambani दुनिया के 11वें अरबपति हैं। आज मुकेश अंबानी भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। रिलायंस का कारोबार आज रिटेल से लेकर फाइनेंस समेत तमाम सेक्टर्स में बहुत तेजी से फैला हुआ है।
जिओ का कमाल और कर्जमुक्त रिलायंस
मुकेश अंबानी ने न केवल पेट्रोलियम बल्कि रिटेल, लाइफ साइंसेज और टेलीकॉम के क्षेत्र में अपनी दमदार दस्तक दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने महज 58 दिनों में जियो प्लेटफॉर्म्स की हिस्सेदारी बेचकर 1.15 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने राइट इश्यू के जरिए 52,124.20 करोड़ रुपये जुटाए और 1,61,035 करोड़ रुपये का कर्ज तय समय से पहले चुका दिया।
बच्चों में बांटा अपना
विशाल कारोबार रिलायंस ग्रुप तेजी से विस्तार कर रहा है और अब मुकेश अंबानी ने अपने तीनों बच्चों में इस विशाल कारोबार को बांट दिया है। उनके बड़े बेटे आकाश अंबानी रिलायंस जिओ और बेटी ईशा अंबानी रिलायंस रिटेल की कमान बहुत अच्छे से संभाल रहे हैं। छोटे बेटे अनंत अंबानी रिलायंस ग्रुप के न्यू एनर्जी बिजनेस की जिम्मेदारी पूरी तरह से अपने हाथों में लिए हुए हैं।

