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मुंबई सेंट्रल डिवीजन में RPF की सख्ती, अगस्त में 2,581 केस दर्ज; 32.26 लाख रुपए जुर्माना वसूला

मुंबई सेंट्रल डिवीजन में RPF की सख्ती, अगस्त में 2,581 केस दर्ज; 32.26 लाख रुपए जुर्माना वसूला

Mumbai Railway Security: 1 सितंबर (आईएएनएस)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अगस्त में मुंबई सेंट्रल डिवीजन में रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से समझौता करने वाली गतिविधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी।

आरपीएफ ने अनाधिकृत प्रवेश, अवैध वेंडिंग, महिलाओं और दिव्यांगों के कोच में घुसने, शराब के परिवहन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य उल्लंघनों के 2,581 मामलों में कार्रवाई की। एक महीने तक चले इस अभियान के दौरान आरपीएफ ने संशोधित रेलवे एक्ट के अलग-अलग प्रावधानों के तहत जुर्माने के तौर पर लगभग 32.26 लाख रुपए जमा किए। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया कि रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

इस अभियान का मुख्य मकसद रेलवे यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना और रेलवे परिसर में सुरक्षा और यात्री सुविधाओं से समझौता करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना था। आरपीएफ ने रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत रूप से घुसने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। धारा 147 के तहत कुल 985 लोगों को पकड़ा गया और उनसे 4,92,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई का मकसद दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और लोगों को प्रतिबंधित रेलवे इलाकों में घुसने से रोकना था।

83 लोगों को पकड़ा

महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ ने बिना इजाजत लेडीज कोच में घुसने वाले पुरुषों और बाहरी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की। धारा 162 के तहत कुल 83 लोगों को पकड़ा गया और 2,07,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस प्रवर्तन अभियान का मकसद महिलाओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का माहौल बनाना था। आरपीएफ ने दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित कोच में यात्रा करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अनाधिकृत यात्रा के लिए धारा 155 के तहत कुल 474 लोगों को पकड़ा गया और लगभग 9.48 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई का मकसद दिव्यांग यात्रियों के लिए खास तौर पर आरक्षित सुविधाओं की रक्षा करना था।

211 ट्रांसजेंडर लोगों को पकड़ा

फोर्स ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से जबरन वसूली, दुर्व्यवहार और परेशानी पैदा करने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई की। धारा 145-बी के तहत कुल 211 ट्रांसजेंडर लोगों को पकड़ा गया। इस कार्रवाई का मकसद यात्रियों को जबरन वसूली और उत्पीड़न जैसी गतिविधियों से राहत दिलाना था। रेलवे परिसर में शराब की अवैध ढुलाई के खिलाफ एक अलग अभियान चलाया गया, जिसके दौरान 32 लोग पकड़े गए। आरपीएफ ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना था।

गैर-कानूनी हॉकरों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई

आरपीएफ ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सामान बेचने वाले गैर-कानूनी हॉकरों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की। धारा 144 के तहत 774 गैर-कानूनी वेंडरों को पकड़ा गया और कुल 15,48,000 रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस कार्रवाई का मकसद गैर-कानूनी कमर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाना और रेलवे परिसर में सुरक्षा को बेहतर बनाना था। स्टेशन परिसर में नो-पार्किंग जोन में गाड़ियां पार्क करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। धारा 159 के तहत छह लोगों पर कुल 3,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। स्मोकिंग करने के लिए धारा 167 के तहत तीन लोगों पर 6,000-6,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

फुटबोर्ड पर खतरनाक तरीके से यात्रा

आरपीएफ ने लोकल ट्रेनों और रेलवे कोचों पर पोस्टर और स्टिकर चिपकाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की। धारा 166 के तहत दस लोगों को पकड़ा गया और उन पर 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई का मकसद रेलवे की संपत्ति को खराब होने से बचाना था। एक और घटना में एक व्यक्ति को चलती ट्रेन के फुटबोर्ड पर खतरनाक तरीके से यात्रा करते हुए पकड़ा गया और उस पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस तरह की कार्रवाई का मकसद यात्रियों के असुरक्षित तरीके से यात्रा करने से होने वाली दुर्घटनाओं और चोटों को रोकना है। आरपीएफ ने बिना वजह अलार्म चेन खींचने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की, जिससे ट्रेन बिना किसी ठोस कारण के रुक गई। एक अन्य मामले में, एक संदिग्ध आदतन अपराधी को यात्री का सामान चुराते हुए पकड़ा गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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