Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक शुरू: अब 30 मिनट का समय और भारी ईंधन की होगी बचत, जानें क्या बदला?

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक शुरू: अब 30 मिनट का समय और भारी ईंधन की होगी बचत, जानें क्या बदला?

नवभारत 1 month ago

Mumbai Pune Expressway Missing Link: मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर यात्रा करने वालों को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। एक्सप्रेस वे पर भारी वाहनों की वजह से होने वाली यातायात जाम की समस्या को मिस करने वाला मिसिंग लिंक खुल गया है।

1 मई को महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार एवं अन्य मंत्रियों की उपस्थिति में इस मिसिंग लिंक का भव्य लोकार्पण किया गया।

मुंबई पुणे एक्सेस कंट्रोल हाइवे पर बने मिसिंग लिंक की वजह से राज्य के दो प्रमुख शहरों के बीच की दूरी घटने के साथ यात्रा के समय व ईंधन के खपत में भी कमी आएगी। सीएम फडणवीस ने कहा कि मिसिंग लिंक सिर्फ मुंबई पुणे के बीच यात्रा की दूरी व समय ही कम नहीं करेगा बल्कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। वाहनों के ईंधन का खर्च कम होगा। घाट पर खतरनाक मोड़ों की वजह से दुर्घटना नहीं होगी। इसके अलावा प्रदूषण भी घटने वाला है।

देश का सबसे ऊंचा केबल स्टे ब्रिज

मुंबई-पुणे के बीच यात्रा को रोमांचक बनाने वाले 13.3 किमी लंबे इस मिसिंग लिंक पर देश का सबसे ऊंचा 180 मीटर का केबल स्टे ब्रिज बनाया गया है। सह्याद्रि के दो पर्वतों के बीच बना यह केबल स्टे ब्रिज इंजीनियरिंग का शानदार मॉडल है। दो दुर्गम पहाड़ों को जोड़ने वाले इस ब्रिज को बनाने में उन्नत इंजीनियरिंग का सहारा लिया गया। इसके साथ ही यहां 23.3 मीटर की दोहरी सुरंग बनाई गई है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के माध्यम से देश की प्रमुख स्वदेशी कंपनी एफकॉन्स ने इन आइकॉनिक केबल स्टे ब्रिज का निर्माण किया है।

राज्य के डिप्टी सीएम एवं MSRDC के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज और अत्याधुनिक टनेल वाला यह मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग का एक और मार्वेल है। इससे मुंबई पुणे हाइवे की दूरी 6 किमी घट जाएगी। मुंबई पुणे एक्सप्रेस पर रोजाना 75 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही होती है। इस मिसिंग लिंक के खुल जाने से एक्सप्रेस वे पर यात्रा में गति बढ़ने के साथ जोखिम कम होने वाला है। लोनावला खंडाला के घुमावदार मोड़ों से छुटकारा मिलने से मुंबई से पुणे के बीच वाहनचालकों का लगभग 25 से 30 मिनट बचेगा।

1996-97 में हुई थी,प्लांनिग

मुंबई-पुणे यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे को 2002 में अलग-अलग फेज़ में ट्रैफिक के लिए खोला गया था। जबकि 1996-97 में शुरू की गई ओरिजिनल प्लानिंग में खालापुर और कुसगांव (सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट) के बीच 13.30 किमी का 'मिसिंग लिंक' बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन निधी और टेक्निकल दिक्कतों की वजह से यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सका। इस वजह से, मौजूदा मुंबई-पुणे नेशनल हाईवे नंबर 4 के लगभग 19 किमी हिस्से को चौड़ा कर एक्सप्रेसवे के एक कॉमन हिस्से के तौर पर इस्तेमाल किया गया। समय के साथ एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक बढ़ती गई और दुर्घटनाएं भी बढ़ी।

इन चुनौतियों से निपटने और एक सुरक्षित विकल्प देने के लिए, मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट की आवश्यकता महसूस की गई। 29 अगस्त 2018 को, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 6,695.36 करोड़ के कैपिटल खर्च के साथ-साथ एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाने को मंजूरी दी थी।

दुनिया की सबसे चौड़ी रोड टनेल

  • दुनिया की सबसे चौड़ी रोड टनल में से एक इस प्रोजेक्ट की दो टनल न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का इस्तेमाल करके बनाई गई हैं।
  • हर टनल 23.50 मीटर चौड़ी है। इन टनल ने गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे चौड़ी रोड टनल के तौर पर मान्यता दी गई है।
  • टनल नंबर 1 की लंबाई 1.58 km है, जबकि टनल नंबर 2 की लंबाई 8.86 km है।
  • खास बात यह है कि टनल नंबर 2 लोनावाला झील के लेवल से लगभग 180 मीटर नीचे से गुज़रती है। MSRDC ने इन कामों को सटीकता के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया।

टाइगर वैली केबल-स्टेड ब्रिज इंजीनियरिंग का कमाल

इस प्रोजेक्ट की एक और विशेषता टाइगर वैली में बना 650 मीटर का केबल-स्टेड ब्रिज है, जो दो टनल को जोड़ता है। लगभग 125 मीटर की ऊंचाई पर बना यह ब्रिज एडवांस्ड इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना है। इसे 182 मीटर ऊंचे दो पाइलन और 240 स्टे केबल के साथ बनाया गया है। ब्रिज की एडवांस्ड इंटरनेशनल टेस्टिंग हुई है।

- EXPLAINER: मिसिंग लिंक क्यों पड़ा नाम? 27 साल बाद मिला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का शॉर्टकट, घाट के जाम से मुक्ति

मिसिंग लिंक की खासियत

  • खालापुर और खोपोली इंटरचेंज के बीच 5.86 km के 6-लेन वाले हिस्से को चौड़ा करके 8 लेन का कर दिया गया है।
  • खोपोली एग्जिट और कुसगांव (सिंहगढ़ इंस्टीट्यूट) के बीच बचे हुए 13.30 किमी के हिस्से में अब दो टनल और दो वायडक्ट हो गए हैं।
  • कुल मिलाकर, एक मॉडर्न 19.16 किमी का कॉरिडोर बन गया है, जिसमें चौड़ा किया गया 8-लेन वाला हिस्सा भी शामिल है।

भारी वाहनों को रोक

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर बने 13.3 किमी लंबे मिसिंग लिंक पर पहले 6 माह तक कार बसों को ही प्रवेश दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि मिसिंग लिंक मुम्बई पुणे एक्सप्रेस वे का ही हिस्सा है,इसलिए वाहन चालकों से कोई अतिरिक्त टोल नहीं लिया जाएगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: NavaBharat