Nagpur Bhande Plot Dighori Flyover: नागपुर शहरवासियों को अप्रैल महीने में जिस बहुप्रतीक्षित राहत की उम्मीद थी, वह फिलहाल अधूरी रह गई है। भांडे प्लॉट-दिघोरी फ्लाईओवर को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा अप्रैल में शुरू करने का दावा तय समयसीमा में पूरा नहीं हो सका।
पहले एनएचआई द्वारा बताया गया था कि अप्रैल तक इस फ्लाईओवर का एक हिस्सा शुरू कर दिया जायेगा। हालांकि अप्रैल माह खत्म हो गयालेकिन फ्लाईओवर अब भी वाहनों के लिए नहीं खोला गया। अब एनएचएआई ने नई डेडलाइन देते हुए कहा है कि मई के पहले सप्ताह में इस फ्लाईओवर को शुरू किया जा सकता है।
हर दिन जाम, धूल से जूझ रहे नागरिक
उमरेड रोड, सक्करदरा, भांडे प्लॉट और दिघोरी क्षेत्र में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें आम बात बन चुकी हैं।
फ्लाईओवर के शुरू होने की उम्मीद में नागरिक कई महीनों से इंतजार कर रहे थे लेकिन उद्घाटन टल गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य के कारण सड़के पहले ही संकरी हो चुकी हैं, ऊपर से भारी ट्रैफिक ने हालात और कठिन चना दिए हैं।
998 करोड़ की परियोजना का अहम हिस्सा
करीब 998 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा इंदोरा-दिघोरी एलिवेटेड कॉरिडोर नागपुर की सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिका परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना के तहत कामती रोड स्थित रेशमबाग चौक से लेकर भांडे प्लॉट-दिघोरी तक विशाल फ्लाईओवर नेटवर्क। बनाया जा रहा है।
मौजूदा सक्करदरा फ्लाईओवर को भी इस कॉरिडोर से जोड़ा गया है, जिरासे शहर के पूर्वी हिस्से में यातायात का दयाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवर का मुख्य स्ट्रक्चर लगभग तैयार हो चुका है।
लोड टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी की गई। इसके तहत 90 मीटर और 60 मीटर हिस्से पर भारी वाहनों को चलाकर संरचना की क्षमता जांची गई। अब ऑतम तकनीकी रिपोर्ट और सुरक्षा मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जैसे ही औपचारिक मंजूरी मिलेगी, फ्लाईओवर आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
कमाल तक काम अंतिम चरण में चौक-रेशिमबाग
कामठी रोड स्थित कमाल चौक रेशिमबाग स्क्वेयर फ्लाईओवर का निर्माण भी तेज गति से जारी है। परियोजना का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे क्रॉसिंग और पारडी अस्पताल क्षेत्र के आसपास सीमित काम शेष है, जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
एनएचएआई ने दावा किया है कि इंदोरा-दिघोरी एलिवेटेड कॉरिडोर की संपूर्ण परियोजना जून 2026 को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएगी। हालांकि अप्रैल में उद्द्घाटन नहीं हो पाने से लोगों का भरोसा कुछ हद तक कमजोर जरूर हुआ है। अब शहरवासियों की निगाहें मई के पहले सप्ताह पर टिक गई हैं, जब फ्लाईओवर के आखिरकार शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जमीन अधिग्रहण बना सबसे बड़ा रोड़ा
देरी की सबसे बड़ी वजह जमीन अधिक्षण की समस्या रहीं, बड़ा ताजबाग क्षेत्र में रैप निर्माण के लिए जमीन देर से मिलने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। अधिकारियों के अनुसार, अब वहां रैप और संपर्क सड़क का काम लगभग पूरा कर
लिया गया है।
जल्द ही शेष काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है। करीब 2.2 किलोमीटर लंबा यह चलाईओवर भाडे प्लॉट चौक से शुरू होकर सक्करदरा फ्लाईओवर के नीचे से गुजरते हुए नाकर नंबर 10 रोड़ तक जाएगा।
इसके शुरू होने के बाद रेशमबाग से दिधौरी तक लगभग 5 किलोमीटर लंबा निर्वाध एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार हो जाएगा, इससे उमरेड रोड़ पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है,
करोड निर्माण लागत (सिविल)
शहर में नागपुर-उमरेड रोड (एनएच-353डी)।
कुल लंबाई: 8.90 किलोमीटर।
करार का प्रकार ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेट और कन्ट्रक्शन।
ठेकेदार कंपनी मेसर्स एनसीसी लिमिटेड हैदराबाद।
डीपीआर सलाहकार मेसर्स यूरोस्टूडियोस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड।
एई/आईई/एससी (तकनीकी सलाहकार): मेसर्स एसए इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंट प्रा. लि. (उपहम इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन के साथ संयुक्त निगम)।
एलओए (कार्यादेश): 27 मार्च 2023।
अनुबंध पर हस्ताक्षर: 26 अप्रैल 2023।
कार्य प्रारंभ : 1 जुलाई 2023।
संभावित पूर्णता : 30 जून 2026।
फ्लाईओवर की वास्तविक लंबाई: 6.37 किलोमीटर।
सर्विस रोड व स्लिप रोड की लंबाई: 13.82 किलोमीटर (पुनर्निर्माण ओवरले सहित)।

