Nashik Transport News: नासिक शहर में मेट्रो परियोजना को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महामेट्रो) द्वारा किए गए नवीनतम यातायात सर्वेक्षण में मेट्रो के लिए आवश्यक 'प्रति घंटा 20 हजार यात्री' का आंकड़ा पार हो गया है।
इसके चलते अब टायर-आधारित 'मेट्रो नियो' के बजाय शहर में नियमित (पटरी पर चलने वाली) मेट्रो परियोजना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। महामेट्रो ने इस संबंध में निर्णय लेने के लिए फरवरी के अंतिम सप्ताह में नगर निगम तथा सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सभी विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई है।
बदली हुई परिस्थितियां और नया सर्वेक्षण
वर्ष 2016 की व्यापक परिवहन योजना (CMP) के दौरान नासिक में यात्रियों की संख्या प्रति घंटा लगभग 14 हजार थी। इसी आधार पर टायर-आधारित 'मेट्रो नियो' का विकल्प चुना गया था और इसके लिए 2100 करोड़ रुपये का फंड भी स्वीकृत हुआ था।
मुख्यमंत्री कार्यालय को जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव
हालांकि, परियोजना में हुई देरी और शहर के तेजी से विस्तार को देखते हुए नियमित मेट्रो की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। कोलकाता स्थित 'श्रेय' कंपनी द्वारा तैयार किए गए नए सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि नासिक में अब प्रति घंटा 20 हजार से अधिक यात्री उपलब्ध हैं, जो नियमित मेट्रो के मानकों पर खरे उतरते हैं। यह रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
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इस प्रकार होगा मेट्रो का रूट
- नियमित मेट्रो के पहले चरण में कुल 31.40 किलोमीटर लंबा नेटवर्क प्रस्तावित है, जिसे तीन मार्गों में विभाजित किया गया है:
- पहला मार्ग (19 किमी): सातपुर – श्रमिकनगर – अमृत गार्डन – त्र्यंबक रोड – मोदक चौक – खड़काली सारडा चौक – द्वारका – पुणे महामार्ग – नासिक रोड रेलवे स्टेशन।
- दूसरा मार्ग (10 किमी): मुंबई नाका – अशोक स्तंभ – गंगापुर रोड – गंगापुर गांव।
- तीसरा मार्ग (2.24 किमी): श्रमिकनगर से बारदान फाटा तक रिंग रूट।
मुख्यमंत्री कार्यालय की सकारात्मक भूमिका के कारण नासिकवासियों की मेट्रो को लेकर उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। फरवरी के अंत में प्रस्तावित बैठक इस परियोजना की अंतिम रूपरेखा तय करने में अहम साबित हो सकती है।

