CM Devendra Fadnavis Flat Distribution: मुंबई की ऐतिहासिक नायगांव बीडीडी चॉल के निवासियों के लिए सोमवार का दिन उनके जीवन का 'स्वर्ण क्षण' साबित हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक भव्य समारोह में पुनर्विकसित 'डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर बीडीडी संकुल' के पहले चरण के तहत 864 पुनर्वास फ्लैटों का वितरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 14 चॉल निवासियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घर की चाबियाँ और कब्जा पत्र (Possession Letters) सौंपे। चार दशकों से लंबित इस पुनर्विकास परियोजना का सपना अब धरातल पर उतरता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि बीडीडी चॉल पुनर्विकास का मुद्दा दशकों से लटका हुआ था। सरकार ने केवल निजी बिल्डरों पर निर्भर रहने के बजाय म्हाडा (MHADA) के माध्यम से इस परियोजना को खुद लागू करने का साहसिक निर्णय लिया। वर्ली के बाद अब नायगांव में फ्लैटों का वितरण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2029 तक सभी को मिलेंगे अपने घर
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की गति और भविष्य के लक्ष्यों पर स्पष्ट रोडमैप पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य 2029 तक बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के सभी पात्र निवासियों को उनके घरों की चाबियाँ सौंपना है। फडणवीस ने स्वीकार किया कि मुंबई में जगह की कमी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उन्होंने निवासियों को आश्वस्त किया कि पुनर्विकसित इमारतों में पार्किंग की समस्या का एक निश्चित और तकनीकी समाधान निकाला जाएगा।
मुंबई में 1000 एकड़ पर चल रहा है 'कायाकल्प'
मुंबई के बुनियादी ढांचे और मध्यम वर्ग के आवास के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में शहर में लगभग 1000 एकड़ भूमि पर विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाएं युद्ध स्तर पर चल रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार मुंबई के मध्यमवर्गीय नागरिकों के अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। यह पुनर्विकास न केवल बेहतर आवास प्रदान करेगा, बल्कि मुंबई की जीवनशैली और शहरी स्वरूप को भी आधुनिक बनाएगा।
सत्ता पक्ष के दिग्गज नेताओं की उपस्थिति
नायगांव बीडीडी चॉल में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, और विधान परिषद सभापति प्रा. राम शिंदे मौजूद थे। साथ ही मंत्री मंगल प्रभात लोढा, आशीष शेलार, और मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। नेताओं ने एक सुर में कहा कि बीडीडी चॉल का पुनर्विकास केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है।

