New Nagpur Project Land Acquisition Budget: न्यू नागपुर और आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार ने कुल 5,400 करोड़ रुपए का प्रावधान कर दिया है। इसमें न्यू नागपुर परियोजना में भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण करने के लिए 2,400 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
हालांकि इन दोनों ही परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजे की दर अभी तय नहीं हुई है लेकिन 5,400 करोड़ रुपए की निधि को मंजूरी मिल जाने से एनएमआरडीए के पास भूमि अधिग्रहण के लिए पैसे की व्यवस्था हो गई है। सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए कर दी है, ताकि बाद में बाधा न आए। यह कदम न्यू नागपुर और आउटर रिंग रोड जैसी महत्वपूर्ण परियोजना को गति देने की दिशा में मजबूत पहल बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नागपुर के विस्तार और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इन परियोजनाओं के साथ-साथ नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (NMRDA) की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 7,474 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। इसी बजट का सबसे बड़ा हिस्सा न्यू नागपुर और आउटर रिंग रोड जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण के लिए सुरक्षित किया गया है।
HUDCO से मिली वित्तीय सहायता
हुडको (HUDCO) से मिली वित्तीय सहायता के बाद अब इन प्रोजेक्ट्स के पहले चरण को गति मिलने का रास्ता साफ हो गया है जिससे नागपुर के रियल एस्टेट और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद भी है।
इसके अलावा महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण अपने कार्यक्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को विकसित करने के लिए अपने पास से 200 करोड़ रुपए खर्च करेगा। मुख्यमंत्री ने एनएमआरडीए के इस फंड को भी हरी झंडी दिखाई है।
एनएमआरडीए के आयुक्त संजय मीणा के कुशल मार्गदर्शन में प्राधिकरण अपने इस फंड से सड़कों, पुलों व अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करेगा। निश्चित रूप से एनएमआरडीए के इस प्रयास से प्राधिकरण की सीमा में नागरिकों को अच्छी मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
क्या है न्यू नागपुर और रिंग रोड का बजट?
बता दें कि आउटर रिंग रोड लगभग 11,000 करोड़ रुपए और न्यू नागपुर करीब 6,500 करोड़ रुपए के भारी भरकम बजट वाले प्रोजेक्ट हैं। मंजूर की गई निधि को इसके पहले चरण की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अमृत-2 के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था
नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (NMRDA) के क्षेत्र में कार्यान्वित की जा रही जलापूर्ति योजना अमृत-2 पर भी जोर दिया गया है। पाइपलाइन और सीवरेज के कामों को बल देते हुए अमृत-2 परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एनएमआरडीए मंजूर किए गए अनुमानित बजट 7,474 करोड़ रुपए में से ही आर्किटेक्ट, पीएमसी चार्ज पर ₹10 करोड़, मरम्मत के कार्य पर 5 करोड़, जामठा फायर स्टेशन पर 4 करोड़ सहित अन्य कामों पर भी निधि खर्च करेगा।
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न्यू नागपुर को अंतरराष्ट्रीय वित्त केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट 'न्यू नागपुर' एक ऐसा स्मार्ट, आधुनिक और व्यापारिक केंद्र बनेगा जहां उद्योग, आईटी, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए बेहतर वातावरण के साथ ही नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाला लाइफस्टाइल मिल सकेगा। नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के प्रस्तावित खाके के अनुसार यहां सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी सेवाओं का विकास होगा। नए उद्यमों और स्टार्टअप कंपनियों के लिए अवसर होगा। यह नया शहर कॉर्पोरेट हब के रूप में बड़ी कंपनियों के कॉर्पोरेट कार्यालयों के लिए केंद्र बनेगा।
न्यू नागपुर को देश में कॉर्पोरेट कार्यालयों को आकर्षित करने वाला पहला योजनाबद्ध शहर बनाने का लक्ष्य है। यहां उद्योग और निवेश के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था होगी। इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्त केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।

