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पुरूषोत्तम मास में क्या है दीपदान का महत्व, जानें कैसे भगवान विष्णु की असीम कृपा से दूर होंगे कष्ट

पुरूषोत्तम मास में क्या है दीपदान का महत्व, जानें कैसे भगवान विष्णु की असीम कृपा से दूर होंगे कष्ट

Deepdaan Importance In Purushottam Maas News: सनातम धर्म में पुरुषोत्तम मास यानी अधिकमास के महीने को भगवान श्रीहरि विष्णु की सेवा के लिए बेहद खास माना जाता है। इस महीने में श्रद्धालु भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करने और सुखद जीवन के लिए कई प्रकार के उपाय करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक के महीने में जो पुण्य कर्म किया जाता है, उससे भी हजार गुना फल इस महीने में धार्मिक कार्य करने पर प्राप्त होता है। इस पवित्र महीने में दीप दान करने की खास पंरपरा है, जिसे सबसे ज्यादा पुण्यदायी माना जाता है।

ऐसा है दीपदान का महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में दीपदान करने से ना केवल आपके जीवन से अधंकार दूर होता है, बल्कि आपकी कुंडली के सभी दोषों का भी निवारण होता है। इस महीने में दीपदान करने से कई हजारों गुना पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही घर परिवार में सुख समृद्धि भी आती है।

ऐसे करें दीपदान

वृंदावन स्थित मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास बाबा के अनुसार, इस महीने में तुलसी की सूखी लकड़ियों से दीपदान करना सबसे पवित्र होता है। इसके लिए कुछ सूखी हुई तुलसी की लकड़ियों को इकट्ठा कर उसमें रूई लगाकर बाद में उसे घी में डुबोकर दीपदान करने से कार्तिक महीने से भी कई हजार गुना फल की प्राप्ति होती है।

अगर आप तुलसी की लकड़ियों से दीपदान करने में असमर्थ हो, तो आप सादगी से मिट्टी के दिपक में घी में डुबी हुई रूई की बाती लगाकर भी भगवान विष्णु की प्रतिमा के आगे खड़े होकर दीपदान कर सकते हैं। इसके अलावा आप आटे के दिपक से भी दीपदान कर सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखे कि दीपदान में केवल गाय के घी का उपयोग करें, यदि घी ना हो तो आप तिल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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चौराष्टकम् का करें पाठ

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने हेतु संध्याकाल में दीपदान करें। दीपदान करते हुए आप चौराष्टकम् का पाठ करें। दीपदान करते समय चौराष्टकमं यानी भगवान कृष्ण के माखनचोर स्वरुप की स्तुति करने से सभी प्रकार के पापों, अहंकार और दरिद्रता का नाश होता है।

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