Reem Al Hashimy On PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 मई 2026 की यूएई यात्रा भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ती गहरी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी का एक नया अध्याय है।
यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी द्वारा पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना और उनके भव्य स्वागत ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध अब और भी मजबूत और प्रभावशाली हो गए हैं।
पीएम मोदी को बताया ‘सच्चा खजाना’
यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक विशेष इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी यूएई के नेतृत्व और यहां के लोगों के लिए एक सच्चे खजाने की तरह हैं।
हाशिमी ने इस बात पर जोर दिया कि जब से पीएम मोदी ने पद संभाला है, दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद बढ़ा है जो इस गहरी दोस्ती का प्रमाण है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि मजबूत भारत और मजबूत यूएई के बिना एक सुरक्षित भविष्य की कल्पना करना कठिन है।
200 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच सहयोग अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मंत्री अल हाशिमी ने खुलासा किया कि भारत और यूएई अब 200 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ साल पहले हुए ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद 100 अरब डॉलर का लक्ष्य पहले ही पार किया जा चुका है।
हाशिमी के अनुसार, ‘टीम इंडिया’ और ‘team UAE’ मिलकर काम कर रही हैं और हर सफलता के बाद एक नया मुकाम हासिल करने के लिए तैयार हैं।
ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान तेल और एलपीजी को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित होंगे। द्विपक्षीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यूएई पर हुए हालिया ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए भारत की ओर से हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
हवाई अड्डे पर हुआ भव्य स्वागत
कूटनीतिक प्रोटोकॉल से हटकर, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान खुद प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। पीएम मोदी ने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए अपने ‘भाई’ नाहयान का आभार व्यक्त किया। यह यात्रा न केवल व्यापार और ऊर्जा बल्कि रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी दोनों देशों को एक-दूसरे के और करीब ले आएगी।

