Shaktipeeth Expressway Temples Connectivity List: महाराष्ट्र की राजनीति और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ‘शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे’ (नागपुर-गोवा एक्सप्रेसवे) इन दिनों सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
856 किलोमीटर लंबा यह विशाल मार्ग न केवल बड़े शहरों को जोड़ेगा, बल्कि इसे ‘धर्म का गलियारा’ भी कहा जा रहा है।
इस एक्सप्रेसवे का नाम ‘शक्तिपीठ’ रखने के पीछे का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों और ज्योतिर्लिंगों को एक सूत्र में पिरोना है। यह एक्सप्रेसवे विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के 13 जिलों से होकर गुजरेगा।
प्रमुख धार्मिक स्थल जो इस एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे
शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से कुल 18 प्रमुख धार्मिक स्थलों और 20 से अधिक तीर्थ स्थलों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। आइए जानते हैं Shaktipeeth Expressway किन धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा।
किन-किन शक्तिपीठों से जुड़ेगा?
यह एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के प्रमुख शक्तिपीठों को सीधे कनेक्ट करेगा। ये सभी स्थान महाराष्ट्र की आस्था के सबसे बड़े केंद्र माने जाते हैं।

महालक्ष्मी मंदिर कोल्हापुर व तुलजा भवानी मंदिर धाराशिव (सोर्स: सोशल मीडिया)
- महालक्ष्मी मंदिर कोल्हापुर: इसे स्कंद पुराण के अनुसार 18 महाशक्तिपीठों में गिना जाता है।
- तुलजा भवानी मंदिर धाराशिव: माता सती के अंगों में से एक हिस्सा यहां गिरा था, जो भक्तों के लिए अत्यंत पूजनीय है।
- रेणुका माता मंदिर, माहूर: यह साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक प्रमुख पीठ है।
- पात्रादेवी मंदिर, सिंधुदुर्ग: यह शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर है जो गोवा सीमा पर स्थित है।

रेणुका माता मंदिर माहूर (सोर्स: सोशल मीडिया)
कौन-कौन से ज्योतिर्लिंग जुड़ेंगे?
यह एक्सप्रेसवे दो प्रमुख ज्योतिर्लिंगों तक आसान पहुंच देगा।
- श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग औंधा नागनाथ: यह मराठवाड़ा के हिंगोली जिले में स्थित है।
- परली बैजनाथ ज्योतिर्लिंग: यह महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित है। जो 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक अत्यंत पवित्र शिव मंदिर है।

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग औंधा नागनाथ (सोर्स: सोशल मीडिया)
अन्य प्रमुख तीर्थ स्थल
- शक्तिपीठ महामार्ग से कई अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी जुड़ेंगे।
- पंढरपुर (सोलापुर): विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर, जो पूरे महाराष्ट्र की आस्था का केंद्र है।
- हजूर साहिब गुरुद्वारा (नांदेड़): सिखों का एक अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल।
- अक्कलकोट और गाणगापुर: श्री स्वामी समर्थ और दत्त संप्रदाय के महत्वपूर्ण स्थान।
- अंबाजोगाई: योगेश्वरी देवी का मंदिर।
- नरसोबाचीवाड़ी और औदुंबर: भगवान दत्तात्रेय के प्रमुख तीर्थ स्थल।

परली बैजनाथ ज्योतिर्लिंग (सोर्स: सोशल मीडिया)
यात्रा का समय भी बचेगा
वर्तमान में नागपुर से गोवा जाने में लगभग 18 से 20 घंटे का समय लगता है। शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह समय घटकर मात्र 8 घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे वर्धा जिले के पवनार से शुरू होकर सिंधुदुर्ग जिले के पत्रादेवी तक जाएगा।
किन जिलों होकर जाएगा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे ?
यह मार्ग महाराष्ट्र के 13 जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें वर्धा, यवतमाल, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, लातूर, धाराशिव, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर, सातारा और सिंधुदुर्ग जिले से होकर गुजरेगा।

