Vikas Lawande Ink Attack: पुणे जिले के लोणी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर स्याही फेंककर उन्हें धमकी दी। इस घटना ने पुणे की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।
विकास लवांडे ने आरोप लगाया है कि उन पर जानलेवा हमला वारकरी संप्रदाय से जुड़े उन युवकों ने किया जो खुद को गौ रक्षक भी बताते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि हमलावरों के पास पिस्तौल भी थी।
विकास लवांडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही, उन पर स्याही फेंके जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटना के बाद शरद पवार गुट के नेताओं के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक पुणे जिले की हवेली तालुका के आलंदी मातोबा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे पुणे की और लौट रहे थे। इसी बीच कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और फिर रास्ते में गाड़ी रोककर उनके साथा धक्का मुक्की की औ फिर उनके शरीर पर काली स्याही फेंकी।
विकास लवांडे ने बताया क्या हुआ?
स्याही फेंकने की घटना और हमले के बारे में बात करते हुए शरद पवार गुट के प्रवक्ता विकास लवांडे ने कहा कि आज मेरा एक प्रवचन सत्र तय था। मेरा प्रवचन पुणे के पास हवेली तालुका में लोनी कालभोर के पास एक गांव में सुबह 8 बजे होना था। सत्र खत्म होने के बाद मैं सुबह 10 बजे उस जगह से निकला। जब मैं सड़क पर एक सुनसान इलाके में था, तो अचानक तीन-चार गाड़ियां मेरे पास आ गईं। उन्होंने अपनी गाड़ियां सड़क के बीच में लगाकर मेरा रास्ता रोक दिया, फिर मुझे पकड़ लिया और जबरदस्ती मेरी कार से बाहर खींच लिया।
हमलावरों में से मैंने संग्राम भंडारी नाम के एक व्यक्ति और उरुली कंचन के एक गौरक्षक अक्षय कंचन को पहचान लिया,बाकी लोग अनजान थे। गाड़ी से बाहर खींचने के बाद, वे मुझे धक्का देते हुए और मेरे साथ जोर-जबरदस्ती करते हुए मुझे श्मशान घाट के पास के एक इलाके की तरफ खींचकर ले गए। वहां पहुंचकर उन्होंने मुझ पर रिवॉल्वर तान दी और मुझे धमकाया। चेतावनी दी कि मैं जरा भी आवाज न करूं।
वे बार-बार कह रहे थे, 'हम तुम्हें खत्म कर देंगे,' और पूछ रहे थे, 'तुमने हमारे गुरु के खिलाफ क्यों बोला?' इसके तुरंत बाद, दो-तीन लोगों ने बोतलों में भरी स्याही मेरे पूरे शरीर पर डालना शुरू कर दिया। मुझे धक्का देते हुए और गालियां देते हुए वे वहां से निकलने लगे। जैसे ही आस-पास के लोग उस जगह पर इकट्ठा होने लगे, हमलावर भाग गए।
क्या बोले संग्राम बापू भंडारे?
इस घटना पर स्याही फेंकने वाले संग्राम बापू भंडारे ने कहा कि हमारे लिए, हमारे गुरु ही सब कुछ हैं। जो लोग उनकी आलोचना करते हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का बीड़ा हमने उठाया है। हम उस गुरु पर लगाए गए घिनौने आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो हिंदू धर्म की शिक्षाएं देते हैं और जिन्होंने हमारे जीवन को संवारा है।' संग्राम बापू भंडारे ने लवांडे को इन शब्दों में कड़ी चेतावनी देते हुए यह घोषणा की। संग्राम बापू भंडारे ने इस मामले से जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए यह चेतावनी दी।
इस मामले पर बोलते हुए भंडारे ने कहा कि विकास लवांडे ने वारकरी संप्रदाय के संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की आलोचना करते हुए उन्हें घूसखोर, धार्मिक कट्टरपंथी और मनुवादी जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इससे वारकरी समुदाय में भारी रोष फैल गया था।
इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हुए, संग्राम बापू भंडारे ने घोषणा की कि हमारे लिए हमारे गुरु ही सब कुछ हैं। जो लोग उनकी आलोचना करते हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का बीड़ा हमने उठाया है।

